शहर में नो इंट्री में जारी इंट्री,इंदौर पुलिस की चालानी कार्यवाही साबित हुई बेअसर,मुहिम का रिजल्ट भी आया जीरो।
शहर में नो इंट्री में इंट्री के नहीं थम रहे मामले,रोजाना पुलिसिया कार्यवाही लेकिन बड़े वाहन चालक नहीं करते नियमों का पालन।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
शहर में हुए ट्रक हादसे के बाद से ही इंदौर पुलिस ने शहर के चारों और तय समय के पूर्व बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा रखी है। लेकिन फिर भी पिछले दो महीनों से नो इंट्री में इंट्री के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इधर पुलिसिया कार्यवाही के नाम पर मात्र आर्थिक दंड की वजह से भी बड़े वाहन चालकों की गुस्ताखी कम नहीं हो रही हैं। बल्कि शहर के चारों और से बने इंट्री प्वाइंट से ऐसे वाहन प्रवेश करने से नहीं चूकते हैं। वहीं दूसरी तरफ नियमों को नहीं मानने वालों के खिलाफ इंदौर पुलिस की मात्र चालानी कार्यवाही से ऐसे वाहन चालकों के हौसले बिल्कुल भी पस्त नहीं हुए हैं। बल्कि नो इंट्री में इंट्री के हर संभव प्रयास लगातार जारी हैं। कहीं साठगांठ से तो कहीं किसी की मिलीभगत, ऐसे हालातों में बड़े वाहन शहर में घुस ही जाते हैं। जो घुसते हुए पकड़े जाते हैं। उन पर मात्र पुलिस की चालानी कार्यवाही अब कोई काम की साबित नहीं हो रही हैं।

अभी सैकड़ों चालान लेकिन असर जीरो।
इंदौर पुलिस ने ट्रस हादसे के बाद से ही शहर के चारों और इंट्री प्वाइंट पर चौकसी तो कर रखी है। लेकिन नो इंट्री में इंट्री के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। पुलिस द्वारा अभी लगभग तीन हजार से ज्यादा ऐसे बड़े वाहनों को पकड़ा है और मात्र चालानी कार्यवाही करते हुए छोड़ दिया हैं। जिसकी वजह से इंदौर पुलिस की उक्त मुहिम का असर मात्र जीरो कहा जाना गलत नहीं होगा।
वाहन जब्ती,सहित कठोर कार्यवाही की दरकार।

जिस तरह से शहर में तय समय के अलावा इंट्री करने वाले बड़े वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही हैं। उसे देखते हुए अब इंदौर पुलिस द्वारा सख्ती से इससे निटपने की दरकार दिखाई दे रही हैं। यही नहीं आर्थिक जुर्माना के अलावा वाहन जब्ती और सख्त से सख्त एक्शन की जरूरत भी अब दिखाई दे रही है ।