Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE, जोन 11 वार्ड 60,अवैध निर्माण,नगर निगम के नोटिस,,भाजपा नेताओं मंत्री के चक्कर काट रहा बिल्डर,... INDORE,उपचुनाव 2026, कहीं जश्न, कहीं जंतरमंतर का फेर,भाजपा की लिए आत्ममंथन तो कांग्रेस की उधारी की ब... INDORE, पशुपालन विभाग ,बेजुबानों के उपचार के नाम सरकार से लाखों की ठगी,भोपाल से FIR के आदेश,इंदौर मे... INDORE, पुलिस सख्त,पब,बार संचालकों की ऑनलाइन बैठक,डीसीपी जोन 2 की सख्त हिदायत ड्रग बिक्री जैसी गतिवि... INDORE, आईडीए,RTI या मजाक,अपील में आदेश के बावजूद 10 दिन बीत नहीं रहे,बाबू गिरीश हलवे की नाफरमानी,मि... INDORE रॉयल ग्रीन काउंटी में घोटालों की भरमार,नियमों को ताक पर रख मिला नगर निगम से पूर्णता प्रमाण पत... INDORE आईडीए भू अर्जन शाखा में फेरबदल की सुगबुगाहट,तत्कालीन संपदा अधिकारी की लॉबिंग तेज़! INDORE MIC सदस्य पार्ट दो, तीन प्रमुख समितियां,कार्यप्रणाली पर सवाल,अवैध निर्माण से लेकर 'लापता' स्व... INDORE महापौर-निगमायुक्त को बिल्डर की खुली चुनौती,नगर निगम के नोटिस के बाद भी जारी अवैध निर्माण,नेता... INDORE, IDA भू अर्जन विभाग, बाबू की जमकर मनमानी,ईश्वर सिंह परमार और बेटे की जुगलबंदी से आमजनता परेशा...

महापौर की अफसरशाही पोलखोल मुहिम,विधानसभा क्षेत्रों के पार्षदों का फूट रहा गुस्सा,ऐसा पहला मेयर जो जनता को व्याप्त समस्याओं की बता रहा असल वजह।

0 401

मेयर की अफसरशाही पोल खोल मुहिम।
विधानसभावार निगम अधिकारियों की सामने आ रही जादूगरी। काम कुछ हो नहीं रहे मलाई में डूबे अफसर,इसीलिए महापौर पुष्यमित्र भार्गव की नही बैठती पटरी अधिकारियों से।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर।
शहर के प्रथम नागरिक महापौर पुष्यमित्र भार्गव को लेकर एक बात बार बार उठड़ी जाती है कि उनकी निगम कमिश्नर हो या फिर अन्य निगम के अधिकारी उनसे पटरी नहीं बैठती हैं। दरअसल अब इसकी मुख्य वजह अधिकारियों की दादागिरी कहे या फिर उनकी हठधर्मिता। जो पोल पट्टी फिलहाल विधानसभा वार पार्षदों से मिल रहे फीडबैक के बाद सामने आ रही हैं। सत्ता पक्ष का पार्षद हो या फिर विपक्ष का निगम अधिकारियों की वजह से त्रस्त हैं। कोई फोन नहीं उठाने तो कोई पार्षद काम समय पर नहीं होने से तंग हैं,इधर इसके अलावा जनता जो पीसा रही हैं। सो अलग। क्योंकि निगम अमले की एक खास बात हैं कि फोन तो उनके उठते नहीं हैं। फिर जनप्रतिनिधि हो या जनता। वह काफी ज्यादा परेशान हैं।

मेयर की अफसरशाही पोल खोल मुहिम,जनता जान रही हकीकत।

इंदौर मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने जिस तरह से सड़क से लेकर बंद कमरे में अधिकारियों को जनता के सामने एक्सपोज किया हैं। उससे यह हकीकत जनता सामने आ रही हैं कि शहर वर्षों से निगम अधिकारियों की वजह से बर्बाद ही हुआ हैं। फिर चाहे अवैध निर्माण कार्य हो या फिर बिना सोची समझी योजनाएं। जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा पानी में बहाना ही साबित हुआ। शहर की सड़के कई बार बनी और खुदी। और फिर बनी। ये पैसों की फिजूल खर्ची। अब जनता के सामने खुले तौर पर सामने आ रही हैं।

विधानसभा क्षेत्रों के पार्षद नाखुश।

मेयर पुष्यमित्र भार्गव स्थानीय विधानसभा क्षेत्र के विधायक और उस विधानसभा क्षेत्रों के पार्षदों के साथ बैठक कर रहे प्रत्येक बैठक में तीस मिनट में प्रति वार्ड जो अधिकारियों की कारगुज़ारिया सामने आ रही हैं। उसे लेकर पार्षदों का गुस्सा जमकर फूट रहा हैं। जबकि निगम अधिकारियों को लेकर जो पोलपट्टी खुल रही हैं। उसे लेकर यह तो तय हो गया है कि शहर के विकास में अधिकारी मुख्य रोड़ा हैं। साथ ही जनता इसका ठीकरा जनप्रतिनिधियों पर फोड़ रही हैं।

ऐसा पहली बार जब प्रथम नागरिक ने लिया ऐसा संज्ञान

नगर निगम में पिछले तीन दशकों से भाजपा परिषद का कब्ज़ा हैं। लेकिन इन में पहले ऐसे महापौर पुष्यमित्र भार्गव हैं, जिन्होंने शहर में चली आ रही समस्याओं को लेकर असल वजह यानी अधिकारियों की लापरवाहियां जनता के सामने खुलेतौर पर रखी हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!