शहर में कलेक्टर जनसुनवाई की चर्चा,जिलाधीश खुद सुन रहे आम नागरिकों की फ़रियाद,हाथोंहाथ निराकरण भी,ऐसा कलेक्टर शिवम वर्मा का दरबार।
कलेक्टर की जनसुनवाई,शहर में चर्चा इसे कहते है जनता का सेवक,शिवम वर्मा के दरबार में खुद डीएम सुनते है जनता की फरियाद।

✍️ अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
प्रति मंगलवार कलेक्टर कार्यालय में आयोजित आम जनसुनवाई पूरे शहर में चर्चा का विषय हैं। क्योंकि तत्कालीन निगमायुक्त और अब इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के जनसुनवाई को लेकर अपने खुद के तौर तरीके हैं। जिसे वह नगर निगम आयुक्त रहते हुए भी निभाते आए हैं,अभी भी उसी तरह की परम्परा का वह खुद निर्वहन भी कर रहे हैं। क्योंकि जनसुनवाई में आने वाले आम नागरिकों जिनमें महिला पुरुष और खास तौर से दिव्यांग हो या बुजुर्ग। कलेक्टर शिवम वर्मा के दरबार में सभी की सुनवाई होती हैं। और न्याय भी हाथों हाथ। दरअसल इंदौर कलेक्टर कार्यालय में यह प्रथा लगभग बंद हो गई थी कि खुद कलेक्टर जनसुनवाई में जनता की समस्याएं सुने। लेकिन इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने उसे दोबारा शुरू तो किया ही हैं। साथ ही साथ कलेक्टर उसे अब अपने सादगी भरे अंदाज से निभा भी रहे हैं।

आवेदकों से सुकून भरी बात।
कलेक्टर ने कार्यालय में आवेदकों के लिए बैठने, पानी और सबसे प्रमुख उनसे खुद बात करने की पूरी व्यवस्थाएं की हैं कलेक्टर शिवम वर्मा खुद फरियादियों की फरियाद सुनते है। और हाथों हाथ उनका निराकरण भी करते हैं।

टाइम लिमिट में कर देवे काम।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि जनसुनवाई में आने वाले आवेदकों के काम समय सीमा में पूरे करें। जिसका वह निर्देश दे चुके हैं।