अनन्त चतुर्दशी चल समारोह,जिला प्रशासन द्वारा गठित निर्णायक समिति का विरोध,अखाड़ा संचालकों आरोप अंधा बांटे रेवड़ी अपने अपनों को।

इंदौर।
अनन्त चतुर्दशी चल समारोह निकले सप्ताह गुजर गया हैं। लेकिन अब जिला प्रशासन द्वारा गठित निर्णायक समिति सदस्यों को लेकर दर्जनभर से ज्यादा अखाड़ा संचालकों ने आरोप लगाया कि उक्त निर्णायक समिति में ही झोल था। जबकि उन्होंने अंधे बनते हुए अपने अपनों को चल समारोह के दौरान विजेता घोषित करते हुए पुरस्कार भी बांट दिए। सार्वजनिक श्री रविदास व्यायामशाला ,गांधी आदर्श व्यायामशाला,छोटलाल उस्ताद व्यायामशाला, वीर बलवंत गुरु अखाड़ा,रामलाल उस्ताद अखाड़ा,चेतराम उस्ताद अखाड़ा,अहिरवार चेतन व्यायामशाला, और महिला अखाड़ा संचालकों ने आरोप लगाया कि निर्णायक समिति सदस्यों ने अपने परिजनों को खुलकर लाभ पहुंचाया। तय दिए गए समय के अतिरिक्त उन लोगों को समय भी दिया गया। ताकि वह इनाम हासिल कर सके।
अब हम दिखाएंगे काले झंडे।


चर्चा में मिथिलेश कैमरे,उदित मंडलोई, विनोद जाटव, अकबर पटेल, अनिल मोहने, देवकरण रोशन संजय लहरी, राज नानेरिया,लेखराज बिड़ौने,राजेंद्र सक्सेना, सुदेश बिसे,सुरेन्द्र चोपड़ा,रोहित सेम, लोकेश तिलवे,विजेंद्र पाल,अजय रोशन, लल्ला सक्सेना, गजानंद सुनहरे,शुभम मांडक, अमन सिरोके,और अन्य अखाड़ा संचालकों ने आरोप लगाया कि यह अखाड़ा कलाकारों के साथ अन्याय हैं। और अंधे अपनो को ही रेवड़ियां बाँट रहे हैं। लिहाजा अब अगले वर्ष शहर के 15 से ज्यादा अखाड़ा संचालक आयोजन का विरोध करेंगे। और काले झंडे भी दिखाए जाएंगे।