ग्रैंड यूरो होटल को नगर निगम ने किया जर्जर,वहीं दोहरे मापदंड,भूखंडों का संयुक्तिकरण,आवासीय पर व्यवसायिक उपयोग,बेतहाशा शराबखोरी सो अलग। IDA संपदा शाखा भी भुला अपनी जिम्मेदारी।
अवैध निर्माण,नियम कायदों की बात,होटल ग्रैंड यूरो किया जर्जर,इधर हैट्स ऑफ बार एंड रेस्टोरेंट नहीं आता नज़र। आवासीय भूखंड पर व्यवसायिक कार्य। अभी भी ठोस कार्यवाही की दरकार।

✍️ अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
इंदौर विकास प्राधिकरण की स्कीम नंबर 94 बांबे हॉस्पिटल स्थित आवासीय भूखंडों को संयुक्तिकरण करते हुए व्यवसायिक गतिविधि वो भी शराबखोरी करवाने वाले हैट्स ऑफ बार एंड रेस्टोरेंट पर आखिर किसकी मेहरबानी हैं। ये सवाल वार्ड 41 स्थित ग्रैंड यूरो होटल पर हुई रिमूवल होने के बाद हर वो शख्स पूछ रहा है कि एक ही तरह के नियम विरुद्ध निर्माणों पर दो तरह के मापदंड आखिर किसलिए। क्योंकि हैट्स ऑफ बार एंड रेस्टोरेंट संचालक वर्षों से इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा लीज पर सशर्त दिए गए आवासीय दो भूखंडों को पहले तो संयुक्त किया गया। फिर उसके बाद नगर निगम के भवन अनुज्ञा शाखा से सांठगांठ करते हुए व्यवसायिक उपयोग हेतु तैयार करते हुए बेखौफ शराबखोरी करवाई जा रही हैं।

ये भूखंड है आवासीय
इंदौर विकास प्राधिकरण की स्कीम नंबर 94 के भूखंड नंबर BA 51 और 52 जो कि आवासीय उपयोग हेतु IDA ने लीजधारक को दिए थे। लेकिन लेकिन उक्त दोनों ही भूखंडों को एक करते हुए यहां हैट्स ऑफ बार एंड रेस्टोरेंट खोलकर शराबखोरी करवाई जा रही हैं।

IDA संपदा शाखा में दबकर रह गई फाइल।

इंदौर विकास प्राधिकरण की संपदा शाखा प्रभारी मनीष श्रीवास्तव को उक्त मामले की बकायदा शिकायत हुई थी। जिसमें हैट्स ऑफ बार एंड रेस्टोरेंट संचालक के इन कारनामों का खुलासा किया गया था। लेकिन उक्त जांच और हैट्स ऑफ बार एंड रेस्टोरेंट की फाइल कहा घूम कर दी गई यह अब किसी को पता हैं। इधर उक्त मामले में इंदौर विकास प्राधिकरण के संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव बचते रहते हैं। करते है कर रहे है, मगर आखिर में हो कुछ नहीं रहा हैं।
निगम अमला सुस्त।

उक्त पूरे मामले के उजागर हो जाने के बावजूद भी इंदौर नगर निगम का भवन अनुज्ञा अमला सुस्ती में हैं। उसे ग्रैंड यूरो होटल का अवैध निर्माण, नियम विरुद्ध निर्माण तो दिख गया हैं। लेकिन हैट्स ऑफ बार एंड रेस्टोरेंट के यह कारनामे दिखाई नहीं दे रहे हैं।