एक ऐसे अधिकारी जिन्होंने लगाई विकास कार्यों की झड़ी,सीईओ आर पी अहिरवार,मिली सौगातों के चलते इंदौर शहर आपको हमेशा रखेगा याद।
एक अधिकारी जिन्होंने, तीन वर्षीय कार्यकाल में, सुधारा IDA का ढर्रा,शहर में विकास कार्यों की लगाई झड़ी,इंदौर को थी, ऐसे ही सीईओ आर पी अहिरवार की दरकार। ब्रिज निर्माण,IDA कार्यालय का सुधार,सीनियर सिटीजन कॉम्प्लेक्स,डिजिटल IDA की सीईओ ने दी सौगात। वर्षों तक शहर रखेगा याद।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
इंदौर विकास प्राधिकरण में यूं तो कई मुख्य कार्यपालिक अधिकारी आए और अपनी अमिट छाप छोड़ी। लेकिन इनमें सीईओ आर पी अहिरवार ने जो अपने कार्यकाल में कार्य किए। उसे इंदौरवासी वर्षों तक याद रखने वाले हैं। क्योंकि ब्रिज निर्माण हो, या नए नए नवाचार हर मोर्चे पर सीईओ आर पी अहिरवार ने ida का परचम लहराया हैं। शहर को दर्जनों नहीं सैकड़ों सौगातें दी हैं। जिसे लेकर अब जबलपुर नगर निगम आयुक्त बन चुके तत्कालीन ida सीईओ आर पी अहिरवार को शहर भूलने वाला कभी नहीं हैं।

ब्रिज निर्माण में PHD
लव कुश,खजराना, फूटी कोटी,बंगाली, भंवरकुआ ब्रिज निर्माण के बाद शहरवासी खुद कहते है कि IDA सीईओ आर पी अहिरवार ब्रिज निर्माण के मामले में महारथ रखते हैं। उन्होंने PHD कर ली हैं। क्योंकि सबसे अहम समय सीमा,का उन्होंने बहुत ख्याल रखा हैं। ताकि शहरवासी विकास की वजह से परेशान न हो।

सीनियर सिटीजन कॉम्प्लेक्स

सीनियर सिटीजन कॉम्प्लेक्स IDA का एक ऐसा प्रोजेक्ट हैं जिसे लेकर खुद मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव,हो या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक सीईओ के उक्त नवाचार की बहुत ज्यादा तारीफें कर चुके हैं। क्योंकि समाज के उस तबके का ध्यान सीईओ को आया,जिनकी सुध खुद उनके बच्चे तक नहीं लेते हैं। इंदौर आए मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव सीनियर सिटीजन कॉम्प्लेक्स स्नेह धाम की जमकर तारीफे कर चुके हैं यहीं नहीं उक्त योजनाओं को लेकर सीईओ आर पी अहिरवार को मुख्यमंत्री ने भी खूब सराहा तो सहयोग भी किया। ताकि IDA की ऐसी महत्वकांशी योजनाओं को बढ़ावा मिल सके।
डिजिटल किया विभाग।

इंदौर विकास प्राधिकरण अब पूरी तरह डिजिटल हैं। कुछ कार्य बाकी भी हैं लेकिन IDA पूरी तरह डिजिटल हो गया हैं। लाखों रिकॉर्ड अब ऑनलाइन,डिजिटल मौजूद हैं। अब आग लगे या कोई अन्य प्राकृतिक आपदा। किसी भी स्थिति में रिकॉर्ड इधर उधर नहीं हो सकता हैं।
मुख्यालय भी बनाया सुंदर।

सीईओ आर पी अहिरवार के साथ ही तत्कालीन IDA अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने भरपूर और बड़े बड़े कार्य किए। जिनमें मुख्य सबसे पहले मुख्यालय को सुंदर बनाना था। सभी सुविधाओं को जनता को समर्पित करना था। जिसका लाभ आज यहां आने जाने वाली जनता ले भी रही हैं। क्योंकि पेयजल,खूबसूरत बगीचा,कैंटीन,और दुरुस्त स्टॉफ इसकी मुख्य वजह हैं।
सैकड़ों करोड़ों का लाभ।

सीईओ ने विधि क्षेत्र में भी सफलता हासिल करते हुए दिनरात कई ऐसी सैकड़ों करोड़ों की जमीनों को न्यायालय से तो साथ ही कब्जेधारियों से मुक्त करवाया। जो आज IDA की मुख्य मजबूती बन गई हैं। क्योंकि अर्थ बिना सबकुछ व्यर्थ हैं। जिनमें स्कीम 97,की जमीन मुख्य हैं।
क्या त्यौहार क्या छुट्टी।
