Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
मामला कनाडिया थाना क्षेत्र का,नशेड़ियों ने किया नाबालिक पर जानलेवा हमला,नाबालिक हुआ लापता,माता पिता ... टालमटोल इंदौर नगर निगम के जिम्मेदार,जनता जाए तेल लेने,दूषित पानी सप्लाई की शिकायतों के बावजूद जिम्मे... पशुपालन विभाग,वीडियो कॉल से सार्थक ऐप में हाजरी दर्ज करने वाली दो पशु चिकित्सकों जारी हुआ कारण बताओ ... नवंबर का सुप्रीम कोर्ट का आदेश,शहरभर में आवारा श्वानों का आतंक,अब कहीं जाकर जागा इंदौर नगर निगम,लेकि... मामला कुर्मेडी की फैक्ट्रियों द्वारा गंदा पानी छोड़ने का,मंत्री की फटकार,इंदौर नगर निगम के जिम्मेदार... पशुपालन विभाग, मामला एक ही परिणाम दो,एक को मिला सस्पेंशन,बाकियों को मिल रही कार्यवाही से रियायत,आखिर... पशुओं के नाम पर नदारद खुद अपना कर रहे पालनपोषण,तकनीक के सहारे सरकार को बना रहे मूर्ख,इधर खबर छापने प... डॉग बाइट,प्रतिदिन 200 शिकार,इंदौर नगर निगम में लाखों रुपयों की बंदरबांट के बाद कागजों पर दौड़ते नसबं... पशुपालन विभाग,जीपीओ हॉस्पिटल के नदारद डॉक्टर करते है मुकपशुओं से गद्दारी,हॉस्पिटल में स्वीकृत एक पद,... गोयल रिसॉर्ट कॉलोनी पार्ट two, कॉलोनाइजर प्रेम विजय गोयल ने करवाया नक्शे मे हेरफेर,राजस्व अमला जिम्म...

शहर की आधी से ज्यादा आबादी को सराफा चौपाटी की चिंता,लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधि मात्र चुप्प।

0 345

सराफा चौपाटी,आबादी से ज्यादा प्रतिशत जनता मांग रही असल स्वरूप,शहर के जनप्रतिनिधि बने मुकदर्शक। मौन जिम्मेदारों को शहर की पारंपरिक धरोहर से लेना देना नहीं।

✍️ अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर

जो शहर खानपान और मेहमान नवाजी के लिए जान जाता हैं। और देश बड़ी बड़ी हस्तियां इंदौर शहर की शान सराफा चौपाटी आने के लिए तरसते हो,जो आए वो तारीफें करते नहीं थकते हो। उस शहर इंदौर के जिम्मेदार तमाम विधायक,मंत्रियों का सराफा चौपाटी जो कि शहर की पारंपरिक पहचान हैं। उसके लिए मौन रहना। ऐसे बड़े विषय पर मात्र मुकदर्शक बने सबकुछ देखते रहना कहां तक इस शहर के लिए जिम्मेदाराना व्यवहार हुआ। फिलहाल शहर में सभी विधायक,मंत्री सिर्फ भाजपा के होते हुए भी शहर की संस्कृति से छेड़छाड़ पर उनके चुपचाप होना। केवल और केवल सिर्फ शहर के प्रति गैरजिम्मेदार होना बताता हैं। जबकि इस शहर ने सांसद भी रिकॉर्ड तोड़ मतों वाला दिया हो।

वो सांसद भी सराफा चौपाटी जैसे मुद्दे पर नदारद हैं। यह हास्यास्पद और आश्चर्य की बात हैं।

बात सिर्फ यह कि जनता जो चाहती वो कभी नहीं होता।

शहर को लेकर भी कोई बात हो या आगे फैसले वह,अधिकारी हो या नेता सभी ने अपने निर्णय हमेशा जनता कर थोपे हैं। लेकिन जनता की कभी सुनी नहीं गई।

सराफा मामले ने कोई भी हो सिर्फ चुप।

सराफा चौपाटी मामले को लेकर सांसद शंकर लालवानी,मंत्री कैलाश विजयवर्गीय,मंत्री तुलसी सिलावट,विधायक मालिनी गौड,विधायक रमेश मेंदोला,विधायक गोलू शुक्ला,विधायक महेंद्र हार्डिया, विधायक मधु वर्मा,हो या अन्य जिले के स्थानीय विधायक। सभी ने चुप्पी साध रखी हैं। लेकिन हां फिर भी शहर में कोई हस्ती या नेता आए तो यही सम्मानित नेता उन्हें ले जाते सराफा चौपाटी ही रहे हैं। मगर आज जब उक्त विषय को इतना बड़ा स्वरूप बनने के बावजूद भी शहर के यही जिम्मेदार गायब हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!