बाणगंगा पुलिस ने पकड़ा ऐसा वाहन चोर गिरोह,जो उज्जैन इंदौर थाना क्षेत्रों में देता था वारदात को अंजाम,10 लाख के दो पहिया हुए जब्त।
ऑर्डर मिलने पर होती थी चोरी के वाहनों की डिलेवरी,उसके पहले इंदौर उज्जैन से होती थी चोरी।

इंदौर। शहर की बाणगंगा पुलिस ने एक ऐसे चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है जो कि इंदौर और उज्जैन के अलग अलग थाना क्षेत्रों में दो पहिया वाहनों पर अपना हाथ साफ करते थे। फिलहाल पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को अपनी गिरफ्त में लिया हैं,और उनसे अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ की जा रही हैं।
चोरी किए वाहनों का सौदा और पकड़ा गया लाखों के वाहन।

बाणगंगा क्षेत्र में पिछले लंबे समय से दो पहिया वाहनों की वारदाते बढ़ती जा रही थी। लिहाजा डीसीपी हसंराज सिंह और एडीसीपी राम स्नेही मिश्रा ने एक टीम गठित की। जो कि ऐसे मामलों पर सतत निगाहें गढ़ाए थी। इसी दौरान टीम सदस्यों जिनमें थाना प्रभारी सियाराम गुर्जर,SI अभिरुचि कनौजिया,सहित अन्य पुलिसकर्मी जिनमें चरणसिंह,कमलेश चावड़ा,देवराज धमेंद्र ओझा शामिल थे। उन्हें सूचना मिली थी कि सांवेर रोड स्थित एक पेट्रोल पंप पर चोरी के वाहनों का सौदा चल रहा हैं। लिहाजा मुखबिर की सूचना पर टीम सदस्यों ने जब यहां दबिश दी तो पुलिस हाथ नासिर शाह लग गया। और पूछताछ के दौरान वाहन के कागजात दिखाने में आनाकानी करने लगा। लिहाजा टीम सदस्यों ने नासिर की खबर ली तो उसने गोलू सांखला,और गब्बर का नाम कबूल दिया। लिहाजा इन्हीं की निशानदेही पर टीम ने 10 लाख से ज्यादा के कुल 13 वाहनों को बरामद कर लिया है जो कि उज्जैन और इंदौर के थाना क्षेत्रों से उड़ाए गए हैं।
सुनसान एरिया में रखते थे संभालकर।
पुलिस द्वारा पकड़ाये वाहन चोर चोरी किए वाहनों का उपयोग नहीं करते थे बल्कि उक्त वाहनों को सुनसान एरिया, ब्रिजों के नीचे या कोई सोसायटी एरिया में छुपा देते थे। लेकिन इतने शातिर चोर इन्ही वाहनों का सौदा करते हुए पुलिस के हाथ लग गए।
