जिम्मेदारों से जनता का सवाल,जश्न मनाया,tex, जाम,आवारा कुत्तों,और होर्डिंगबाज नेतागिरी से कब मिलेगी निजात।
बात इंदौर के लिए बड़ी,
अवॉर्ड ले लिया,

अब शहर की जनता का ज़िम्मेदारों से सवाल,
आखिर,जाम,बेतहाशा टैक्स वृद्धि ,आवारा कुत्तों,व्यवस्थित बगीचों,भद्दे होर्डिंगबाजी नेतागिरी से कब मिलेगी। निजात,क्या यह तो नहीं सिखाएंगे ना वाराणसी को आप।

✍️ अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
नगर निगम के जिम्मेदारों ने सुपर लीग का अवार्ड लिया,जश्न मनाया जा रहा हैं। लेकिन अब शहर की जनता के सवाल सोशल मीडिया पर जोर पकड़ रहे हैं। दरअसल अवॉर्ड को लेकर जिस तरह से शक्ति प्रदर्शन किया जा रहा हैं। और जिस तरह से कई चेहरे इससे नदारद हैं। उसके बाद अब शहर की जनता सोच भी रही हैं। और सवाल भी उठा रही हैं। जिन्होंने अवार्ड तो ले लिया। लेकिन शहर में अभी भी जनता विभिन्न विभिन्न प्रकार के tex से त्रस्त, महाजामनगर की समस्या से परेशान, ई रिक्शा के आतंक से डामाडोल है तो, आवारा कुत्तों से भयभीत हैं। शहर के कई बगीचे अभी भी ऐसे हैं, जहां पांव रखना दुश्वार हैं। जबकि इस वक्त भी शहर में नेतानगरी के होर्डिंग, जेंट्रीगेट ,मुख्य मार्ग,चौराहों पर शहर की स्वच्छता को एक हद तक मुंह चिढ़ा रहे हैं। क्या अब जिम्मेदारों से जनता का सवाल कि क्या यह समस्याएं हल होगी या फिर इन्हीं हालातों में जीवन बसर करना होगा और आप हमेशा ही जश्न मनाएंगे।
आवारा कुत्तों से डरे इंदौरी
शहर भले ही लीग में अव्वल हो लेकिन शहरवासी जिनमें बुजुर्ग,महिलाएं,स्कूली बच्चे, आवारा कुत्तों से डरे सहमे हुए हैं। क्योंकि आवारा कुत्तों का झुंड उन्हें कहीं भी शिकार बना लेता हैं। एकदम से यह हमले करते है और कोई संभल नहीं पाता हैं। इसके अलग अलग वीडियो में वायरल होते है लेकिन जिम्मेदारों की चुप्पी उस वक्त कायम रहती हैं। इधर पशुप्रेमी कहलाने वाले तथाकथित आवारा कुत्तों का विरोध करने पर FIR करवा देते हैं। शहरवासियों की मांग है कि अगर अब कोई इंसान आवारा कुत्तों का शिकार होता है तो FIR उन्हीं पशुप्रेमियों पर भी होनी चाहिए।
भारी भरकम टैक्स
शहर की जनता नगर निगम इंदौर द्वारा उन पर थोपे गए भारी भरकम टैक्स से त्रस्त हैं। संपत्ति कर,जलकर,कचरा कर,और न जाने कितने टैक्स से जनता त्रस्त हैं। लेकिन जनता की गाढ़ी कमाई से जुटाए संसाधनों के एवज में अव्वल आने का श्रेय जिम्मेदार लेते हैं।
जाम ही जाम,लेकिन जिम्मेदार है चुप।
शहर का कोई ऐसा प्रमुख चौराहों,सड़क,मार्ग नहीं है,जहां के रोजाना शहरवासी जाम से परेशान न हो। यहीं नही शहर के आसपास के चारों और के मार्ग भी महाजामनगर बने हुए हैं। लेकिन जिम्मेदार जश्न मना रहे हैं।
होर्डिंगबाजी चरम पर
एक समय था जब नगर निगम ने शहर में ताने गए अवैध होर्डिंगों को धराशाई कर दिया था। लेकिन अब किसी भी नेता का जन्मदिन हो,नियुक्ति हो,त्योहार हो,या कोई आयोजन। शहर होर्डिंग से पाट दिया जाता हैं। लेकिन जिम्मेदार सिर्फ चुप।