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स्वच्छता सुपर लीग में अव्वल इंदौर,आज श्रेय लेने वालों,स्वच्छता की नींव रखने वाले मनीष सिंह को भी एक बार करिए सलाम।

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स्वच्छता सुपर लीग में भी अव्वल हैं अपना इंदौर।

आज श्रेय लेने वालों IAS मनीष सिंह को भी कहे धन्यवाद। 

बदहाल शहर को सिंह लाए थे पटरी पर,तो ही हुआ यह मुमकिन। 

✍️ अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर।

साल 2016 यह वो दौर था जब इंदौर नगर निगम का ढर्रा पूरी तरह अस्त व्यस्त था। सफाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकताभर थी। इसके अलावा नगर निगम को कोई पूछता नहीं था। न निगम के नियम कायदे मानता था। इधर शहर में नालिया चौक थी। गंदगी की भरमार थी। जहां मन वहां पेशाब,और कहीं कहीं जगहों पर तो खुले में ही शौच। इसके अलावा शहर के हर किसी प्रमुख सड़कों चौराहों पर आवारा पशुओं का आतंक। क्योंकि पशुपालकों पर कोई लगाम लगाने वाला नहीं था। यहीं नहीं इंदौर का कोई रहवासी नहीं समझता था कचरा फेंकना कहां हैं। क्या गीला, क्या सुखा,सबकुछ एक जगह सड़ता रहता था। आवारा पशु इस कचरे में बेखौफ विचरण करते देखे जा सकते थे। और चौराहों,गली कुच्चो पर अवैध कचरा डंपिंग होता था। जो जिसकी महीनों तक नगर निगम अमले को फिक्र तक नहीं रहती थी। और यह कचरा सड़ता,बदबू मारता था। इसके आसपास से गुजरने वाले राहगीर मुंह बंद चुपचाप सहमे निकल जाते थे। इसके अलावा शहर में सूअरों का भी कम आतंक नहीं था। शहरवासी सिर्फ नगर निगम से पर्याप्त पेयजल की उम्मीद रखते थे,और सड़कों पर उतर जाते थे। इसके अलावा नगर निगम को कोई ज्यादा कुछ पूछता नहीं था। लेकिन इस बीच नगरीय निकाय चुनाव संपन्न होते हैं और वर्तमान चार नंबर विधायक मालिनी गौड़ इंदौर महापौर बन जाती हैं। इसके साथ ही इंदौर नगर निगम में AKVN की जिम्मेदारी संभाल रहे IAS अधिकारी मनीष सिंह को तत्कालीन मुख्यमंत्री वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान निगमायुक्त का जिम्मा सौंपते हैं। फिर क्या धीरे धीरे इंदौर की नब्ज से वाकिफ निगम कमिश्नर मनीष सिंह अपना डंडा घुमाना शुरू करते हैं। सबसे पहले सफाई अमले की वह क्लास लेते है जो कभी कामकाज करना पसंद ही नहीं करता था। लेकिन मनीष सिंह की सख्त कार्यशैली के किसी एक की नहीं चलती हैं। कर्मचारियों का भौतिक सत्यापन,उनसे जितना वेतन उतना काम लेना शुरू हुआ। हालांकि इस दौरान मनीष सिंह के विरोधी भी कोई कम नहीं थे। हर वक्त सिंह साहब को उलझाने की कोशिशों में लगे रहते थे। लेकिन मनीष सिंह तो मनीष सिंह ठहरे। किसी एक के भी हथकंडे कामयाब नहीं हुए। और फिर शुरू हुआ इंदौर की सफाई का सफर। साल 2016 में जिस तरह से IAS मनीष सिंह ने इंदौर नगर निगम में नींव रखी। नवाचार किए। अब आज भी जारी हैं। जिसकी बदौलत ही आज इंदौर सुपर लीग में यह मुकाम हासिल कर पाया। 

पीली गाड़ी सिंह की सोच

2016 में निगमायुक्त बनकर आए IAS मनीष सिंह ने जाना कि शहरवासी नगर निगम की कोई अहमियत समझते ही नहीं हैं। किसी को कुछ समझते ही नहीं हैं। लिहाजा तत्कालीन निगम कमिश्नर मनीष सिंह ने नगर निगम को पीले वाहन की सौगात दी। यही नहीं नगर निगम कर्मचारियों का ड्रेस कोड भी तय किया था। 

आवारा पशुओं को खदेड़ा।

शहर की उस वक्त की सबसे समस्याओं में एक थी आवारा पशु। जिनकी वजह से कई लोग जान गवां चुके थे तो कई हाथ पैर तुड़वा चुके थे। शहर की स्वच्छता के लिहाजा से भी आवारा पशु बदनुमा दाग थे। लिहाजा मनीष सिंह ने उस दौरान तत्कालीन DIG हरिनारायणाचारी मिश्र के सहयोग से जो अवैध पशु बाड़ों की मुहिम छेड़ते हुए। लगभग पूरे शहर से अवैध बाड़ों का सफाया किया। तो साथ ही साथ आवारा पशुओं को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया। 

खुले में शौच,पेशाब,गुनाह बन गया था। 

2016 में पदस्थ नगर निगम अधिकारी मनीष सिंह से खौफ खाते थे। अलसुबह चार बजे शहर भ्रमण पर निकल जाते थे। इस दौरान कई लोगों को समझाइश तो कईयों पर कार्यवाही की गई। लिहाजा शहर इस गंदगी से उभर गया। 

कचरा फेंकने में डर था

मनीष सिंह के कार्यकाल के दौरान शहर में जो माहौल बना। उसके बाद शहरवासी खुद इधर उधर कचरा फेंकने से डरते थे। क्योंकि IAS मनीष सिंह ने निगम अमले को खुली छूट दे रखी थी। और उसके चलते कार्यवाही भी होती थी। 

विरोध लेकिन मनीष सिंह कभी डरे नहीं। 

इधर स्वच्छता सर्वे 2016 को लेकर जिस तरह से मनीष सिंह पुरोधा के रूप में जाने जाते हैं। उसके चलते पूर्व में उनका विरोध भी हुआ। खुद भाजपा नेता यहां वहां मनीष सिंह को निपटाने में लगे रहते थे। लेकिन खुद IAS मनीष सिंह,महापौर मालिनी गौड़,और तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आगे मनीष सिंह विरोधी खेमे की एक नहीं चली। 

 

और आखिर में कर दिखाया जिसका किसी ने सोचा नहीं था। 

मनीष सिंह ने शहर की स्वच्छता की जो नींव बनाई आज उसी नींव पर इमारत बनाने वाले खुद श्रेय ले रहे हैं। लेकिन यह शुरुआत मनीष सिंह ने की थी। और 2016 में भी किसी इंदौरवासी ने भी नहीं सोचा था कि इंदौर जो कि गंदगी के लिए जाना जाता है वह पूरे देशभर में यह मुकाम हासिल कर लेगा। 

न्यूज WITH तड़का का सिंह साहब को दिल से सलाम। 

जिस तरह से इंदौर की नब्ज समझने वाले, इंदौर को देशभर ही क्या, पूरी दुनिया में पहचान दिलाने वाले IAS मनीष सिंह को न्यूज WITH तड़का दिल से सलाम करता है क्योंकि उन्होंने जो इंदौर के लिए किया। जो बोया वही आज इंदौर नगर निगम के जिम्मेदार काट रहे हैं और नाम कमा रहे हैं। 

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