धार में हरियाली अभियान या जेब भरने का जरिया, एक करोड़ पौधे लापता,कांग्रेस उठाएगी विधानसभा में मुद्दा
धार में हरित अभियान बना मज़ाक ,प्रकृति की आड़ में भरी जा रही जेब,हो रही बंदरबांट। कांग्रेस

धार में नगर पालिका, जिला प्रशासन और वन विभाग द्वारा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों का मज़ाक उड़ाया जा रहा हैं। यहीं नहीं प्रकृति के साथ खिलवाड़ करते हुए सिर्फ़ अपनी जेबें भरी जा रही हैं। क्योंकि दावे तो करोड़ों पौधों के किए जा रहे हैं। मगर जमीनी हकीकत यह है कि हरित अभियान का सिर्फ मज़ाक में लिया जा रहा हैं। यह धार की असल सच्चाई हैं। उक्त बातें मप्र नेता प्रतिपक्ष प्रतिनिधि अजय सिंह ठाकुर ने कहीं। उन्होंने चर्चा में कहा कि हरित अभियान प्रकृति के प्रति सम्मान और समर्पण को दर्शाता हैं। लेकिन जिस तरह से धार में जमीनी सच्चाई है कि 2024 में जमनजत्ती की पहाड़ी को जिलाधीश ने बड़े प्रचार प्रसार करते हुए वन ग्राम घोषित किया था। इस दौरान कलेक्टर सहित केंद्रीय मंत्री,विधायक,सभी भाजपा के जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे। लेकिन उन्होंने फोटोबाजी करने के बाद उक्त जमन जत्ती पहाड़ी की सुध कभी नहीं ली। क्योंकि दावों के मुताबिक इस पहाड़ी पर एक करोड़ पौधों को रोपा गया था। जिनका नामोनिशान तक नहीं हैं। अजय सिंह ठाकुर ने कहा कि यह सभी पौधे देखभाल के अभाव में पूरी तरह नष्ट,बर्बाद हो गए हैं। इधर नेता प्रतिपक्ष प्रतिनिधि अजय सिंह ठाकुर ने धार नगर पालिका पर निशाना साधते हुए कहा कि धार की डीआरपी लाइन में भी स्वयं सेवी संस्थाओं और DRP लाइन आर आई द्वारा जो अथक प्रयास करते हुए पौधों की सेवा की जा रही हैं। उसका श्रेय भी धार नगर पालिका के जिम्मेदार ले रहे हैं।
विधानसभा में उठेगा धार की हरियाली की बर्बादी का मुद्दा।
मप्र नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार के प्रतिनिधि एडवोकेट अजय सिंह ठाकुर ने कहा कि धार की हरियाली का मुद्दा विधानसभा में उठाया जाएगा। ताकि जिम्मेदारों की आंखे खुल सके। वह अवगत हो सके कि धार में किस तरह से हरियाली के नाम पर बंदरबांट जारी हैं।