नगर निगम खुद बना हरियाली का दुश्मन,हरे भरे पेड़ो की कटाई,नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाशजी की सोच पर लगा रहा बट्टा।
इंदौर।
नगर निगम खजाने से प्रतिवर्ष हरियाली के नाम करोड़ों रुपए खर्च कर रहा हैं। वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की हरित प्रदेश की सोच पर नगर निगम बट्टा लगा रहा हैं। दरअसल यशवंत क्लब के नजदीक वर्षों पुराने पेड़ो को नगर निगम बेखौफ काट रहा हैं। हैरानी की बात है कि इतने पुराने पेड़ो की कटाई को लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव से लेकर निगमायुक्त शिवम वर्मा तक मौन होकर देख रहे हैं। इधर बताया जा रहा है कि हरे भरे पेड़ो को मात्र इसलिए काटा जा रहा है ताकि यहां रहने वाले बड़े बड़े बगले वालों को नर्मदा टंकी बनाते हुए पानी मिल सके। इधर जिन पेड़ो को काटा जा रहा हैं वह 30 वर्षों से पुराने हैं। लिहाजा यह कहना गलत नहीं होगा कि नगर निगम के जिम्मेदारों के दो चेहरे है एक तरफ वह शहरवासियों से हरियाली बढ़ाने की बात करते है और दूसरी तरफ खुद उनके ही संरक्षण में हरियाली तबाह की जा रही हैं।