मामला IDA एकल खिड़की व्यवस्था में भ्रष्टाचार का
आउट सोर्स दो कमर्चारियों का संपदा से लेकर सिंगल विंडो तक जमकर आतंक। 

इंदौर।
मामला IDA एकल खिड़की व्यवस्था में भ्रष्टाचार का
आउट सोर्स दो कमर्चारियों का संपदा से लेकर सिंगल विंडो तक जमकर आतंक।

इंदौर।
न्यूज़ WITH तड़का ने पिछली खबर में इंदौर विकास प्राधिकरण की एकल खिड़की व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और आम जनता से जमकर उगाही का खुलासा किया था। लिहाजा न्यूज WITH तड़का के उक्त खुलासे के बाद अब एकल खिड़की व्यवस्था में अंगद बनकर बैठे जो बड़ी मछली की जानकारी खुद आईडीए के ही विश्वनीय सूत्रों ने दी है। दरअसल रामकरण यादव और पंकज गुनारे नामक यह कर्मचारी हैं तो आउट सोर्स के। लेकिन इन दोनों ही IDA के संपदा विभाग से लेकर एकल खिड़की में अपना दबदबा कायम कर रखा है। खुद IDA के ही कर्मचारी उक्त दोनों कर्मचारियों की दबंगई और उनके भ्रष्टाचार से काफी ज्यादा परेशान है।
खुद अफसर भी है परेशान
इधर संपदा शाखा से जुड़े अफसर भी पंकज गुनारे से काफी ज्यादा परेशान है। क्योंकि उनके पास भी उक्त कर्मचारी की वसूलीबाजी की शिकायतें पहुंचती रहती है। लेकिन वह इसे लेकर कोई सख्त कदम नहीं उठा पाते है।
खाते की जांच तो खुल जाएगी तमाम पोल
इधर IDA के ही उक्त विश्वनीय सूत्र का दावा है कि 10 से 12 हजार रुपए प्रतिमाह सैलरी लेने वाले इन दोनों ही कर्मचारियों के खाते की जांच हो गई तो इनकी सभी पोल खुल जाएगी कि कुएं में भांग घुली है या फिर भांग के अंदर कुआं।