INDORE, जोन 11 वार्ड 60,अवैध निर्माण,नगर निगम के नोटिस,,भाजपा नेताओं मंत्री के चक्कर काट रहा बिल्डर,मिल रहा मात्र आश्वासन,जांच में और भी मामलों की खुलेगी पोल।
जोन 11 वार्ड 60 में अवैध निर्माण, नगर निगम के नोटिस के बाद अब भाजपा नेताओं के चक्कर काट रहा बिल्डर शकील ओलंपिक,नाले पर कब्जा और संयुक्तिकरण का भी हो सकता खुलासा!

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर।
इंदौर। स्वच्छता में सात आसमान छूने वाले इंदौर शहर में नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे अवैध निर्माणों का जो सिलसिला शुरू हुआ था। उसमें अब एक नया और सनसनीखेज मोड़ आ गया है। ‘न्यूज WITH तड़का डॉट कॉम’ द्वारा पिछले दिनों किए गए सिलसिलेवार खुलासे के बाद हड़कंप मचा हुआ है।

मेयर और निगमायुक्त की सख्ती, फिर भी सुस्त अमला।

खबर पब्लिश होने के बाद इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव और निगमायुक्त क्षितिज सिंघल तुरंत हरकत में आए थे। उन्होंने तत्काल संबंधित जोन 11 के वार्ड क्रमांक 60 के अंतर्गत आने वाले दौलतगंज (80/3, उर्दू मैदान रोड) स्थित इस अवैध बहुमंजिला निर्माण सहित दो अन्य को तोड़े जाने का नोटिस जारी करवाया था। लेकिन जमीनी हकीकत बेहद चौंकाने वाली है। नगर निगम के मैदानी अमले की कथित सुस्ती और ढुलमुल रवैए का फायदा उठाकर अवैध निर्माणकर्ता बिना किसी वैध नक्शे और प्रशासनिक अनुमति के दिन-रात धड़ल्ले से काम चालू रखे हुए है। जबकि निगम से जोनल 11 अधिकारी आते है और हाफ हफ़ कर चले जाते हैं।
नेताओं की चौखट पर बिल्डर,
कैबिनेट मंत्री से भी संपर्क!

सूत्रों के मुताबिक अवैध निर्माणकर्ता शकील ओलंपिक अब इस कार्रवाई से बचने के लिए इंदौर के रसूखदार भाजपा नेताओं के चक्कर काट रहा है। बताया जा रहा है कि उसने अपनी बिल्डिंग को बचाने के लिए भाजपा के कई बड़े नेताओं समेत प्रदेश के एक कद्दावर कैबिनेट मंत्री से भी संपर्क साधा है। हालांकि, इस बार सत्ताधारी दल के नेताओं का रुख बदला हुआ नजर आ रहा है। सूत्रों की मानें तो भाजपा के इन दिग्गज नेताओं से शकील ओलंपिक को सिर्फ कोरे आश्वासन ही मिल रहे हैं। इंदौर नगर निगम द्वारा जारी किए गए सख्त नोटिस को देखते हुए कोई भी भाजपा नेता इस विवादित और अवैध मामले में हाथ डालने को तैयार नहीं है। नेताओं को डर है कि स्वच्छता के मामले में जीरो टॉलरेंस रखने वाले इंदौर में इस तरह के अवैध खेल को संरक्षण देने से उनकी छवि खराब हो सकती है।
नाले पर अवैध कब्जा और संयुक्तिकरण का नया खेल!

इस पूरे मामले की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, वैसे-वैसे दो और गंभीर गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, जो आने वाले दिनों में बिल्डर की मुश्किलें कई गुना बढ़ा सकती हैं। क्योंकि नाले पर अतिरिक्त कब्जा भी एक बड़ी वजह हैं सूत्रों के अनुसार, इस बहुमंजिला अवैध इमारत के निर्माण में नियमों को रौंदते हुए अवैध निर्माण में आ रहे लगभग 15 फीट अतिरिक्त सार्वजनिक नाले पर भी अतिक्रमण करते हुए कब्जा कर लिया गया है।

संयुक्तिकरण का मामला!
इसके साथ ही जमीनों के अवैध संयुक्तिकरण (प्लॉट्स को आपस में मिलाने) का एक और बड़ा मामला भी इसमें खुलकर सामने आ सकता है, जिसके लिए कोई कानूनी मंजूरी नहीं ली गई है।
मेयर और निगमायुक्त के आदेशों को ठेंगा।

इस निर्माण और नए खुलासों के बाद अब देखना यह होगा कि इंदौर नगर निगम का अमला कब नींद से जागता है और इस ‘बड़े खेल’ के खिलाफ कब पीला पंजा (बुलडोजर) चलता है।