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CBSE 12th Result Controversy: छात्र को मिली गलत आंसर-शीट; सीबीएसई ने मानी गलती, रिजल्ट में होगा सुधार

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नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सुर्खियों में है। कक्षा 12 के छात्र वेदांत ने बोर्ड पर गंभीर आरोप लगाया था कि सीबीएसई ने उन्हें फिजिक्स विषय की किसी अन्य छात्र की गलत आंसर-शीट भेज दी थी, जिसके आधार पर उनके अंक निर्धारित किए गए थे। सोशल मीडिया पर इस मामले ने काफी तूल पकड़ा और लाखों छात्रों व अभिभावकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। विवाद बढ़ने के बाद सीबीएसई ने मामले की तत्काल जांच की और छात्र को उसकी सही आंसर-शीट भेजते हुए रिजल्ट में उचित संशोधन का भरोसा दिया है। अब यह मामला बोर्ड की नई ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

✅ सीबीएसई ने स्वीकार की गलती, भेजी सही उत्तर-पुस्तिका: छात्र के धैर्य की सराहना

मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीएसई ने जांच शुरू की और बोर्ड ने छात्र को ईमेल के जरिए फिजिक्स की सही आंसर-शीट उपलब्ध करा दी। बोर्ड ने अपने आधिकारिक जवाब में यह स्पष्ट किया है कि छात्रों का हित उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस पूरे मामले की निगरानी एक विशेष टीम कर रही है। सीबीएसई ने वेदांत के धैर्य की सराहना करते हुए कहा कि नई मूल्यांकन प्रक्रिया के आधार पर उनके अंकों में जल्द ही सुधार किया जाएगा।

⚖️ वेदांत का नया दावा: सही आंसर-शीट मिलने के बाद भी अंक काटे जाने की शिकायत, करेंगे पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन

सही आंसर-शीट मिलने के बाद वेदांत ने राहत की सांस तो ली है, लेकिन उन्होंने बोर्ड पर एक और नया आरोप मढ़ दिया है। वेदांत का दावा है कि सही आंसर-शीट मिलने के बावजूद मूल्यांकन में कई जगह उनके अंक अनुचित तरीके से काटे गए हैं। अब उन्होंने निर्णय लिया है कि वह बेहतर न्याय के लिए पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) के लिए आवेदन करेंगे। साथ ही, उन्होंने सीबीएसई से मांग की है कि इस तरह के मामलों की गहराई से निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि किसी भी अन्य छात्र के साथ भविष्य में ऐसा अन्याय न हो।

📱 सोशल मीडिया पर वायरल हुई छात्र की लड़ाई: 30 लाख लोगों ने देखी पोस्ट, बोर्ड की कार्यप्रणाली पर बढ़ा दबाव

वेदांत ने फिजिक्स में अपनी उम्मीद से कम अंक मिलने के बाद 19 मई को आंसर-शीट की फोटोकॉपी के लिए आवेदन किया था। 23 मई को जब उन्हें ईमेल के जरिए कॉपी मिली, तो वह यह देखकर दंग रह गए कि उत्तर-पुस्तिका में लिखावट उनकी नहीं थी। उन्होंने तुरंत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपनी शिकायत सार्वजनिक की, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। उनकी पोस्ट को 30 लाख से ज्यादा बार देखा गया और हजारों अन्य छात्रों ने भी बोर्ड की मूल्यांकन प्रक्रिया के खिलाफ अपनी चिंताएं साझा कीं।

💻 नई OSM प्रणाली पर बढ़ते सवाल: तकनीक बनाम पारदर्शिता की बहस

इस वर्ष सीबीएसई ने पहली बार ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) प्रणाली लागू की है, जिसमें आंसर-शीट्स को स्कैन करके डिजिटल तरीके से जांचा जाता है। रिजल्ट घोषित होने के बाद से ही कई छात्रों ने कम अंक मिलने की शिकायत की थी। अब वेदांत के मामले ने नई OSM तकनीक की पारदर्शिता और उसकी शुद्धता पर बड़े प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि बोर्ड को इस तकनीकी व्यवस्था में सुधार करने की तत्काल आवश्यकता है ताकि भविष्य में कोई भी छात्र अपनी मेहनत के फल से वंचित न रहे।

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