Bakrid Controversy: मुंबई की हाउसिंग सोसायटियों में कुर्बानी पर पाबंदी की मांग; बीजेपी विधायकों ने बीएमसी कमिश्नर को लिखा पत्र
मुंबई: बकरीद का त्योहार जैसे-जैसे करीब आ रहा है, वैसे-वैसे बकरे की कुर्बानी को लेकर सियासत गरमाती जा रही है। मुंबई में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। बीजेपी के 7 विधायकों, मुंबई की मेयर, डेप्युटी मेयर सहित कुल 1 दर्जन से अधिक वरिष्ठ नेताओं ने बीएमसी (BMC) कमिश्नर को एक पत्र लिखा है। इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में विधायक पराग शाह, मनीषा चौधरी, अतुल भातखलकर, मिहीर कोटेचा के साथ-साथ पूर्व सांसद किरीट सोमैया और पूर्व सांसद मनोज कोटक जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हैं। इन नेताओं ने मांग की है कि मुंबई के किसी भी रेजिडेंशियल काम्प्लेक्स, हाउसिंग सोसाइटी और चॉल में बकरों की कुर्बानी (Sacrifice) पर पूर्णतः पाबंदी लगाई जाए। पत्र में तर्क दिया गया है कि सोसाइटी के भीतर कुर्बानी करने से अन्य धर्मों के लोगों को असुविधा और परेशानी का सामना करना पड़ता है।
⚔️ मीरा रोड में कुर्बानी के शेड का डिमोलिशन बना विवाद की जड़: हिंदू-मुस्लिम पक्षों में जमकर बवाल और हाथापाई
मुंबई से सटे मीरा रोड इलाके में बकरीद के पहले स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। यह सारा विवाद मीरा रोड की पूनम क्लस्टर सोसाइटी से शुरू हुआ, जहां कल दोपहर बकरों के लिए बनाए गए एक अस्थायी शेड को नगर पालिका द्वारा डिमोलिश (ध्वस्त) कर दिया गया। ये शेड मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा बकरों को रखने के लिए बनाया गया था, जिस पर स्थानीय हिंदू निवासियों ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि नगर पालिका द्वारा शेड गिराए जाने के बाद उसे दोबारा बनाने की कोशिश की गई, जिसके बाद रात को स्थिति और बिगड़ गई। मौके पर इकट्ठा हुए हिंदू संगठनों और स्थानीय निवासियों के बीच कहासुनी हुई और देखते ही देखते यह मामला हाथापाई में बदल गया। आरोप है कि इसी दौरान मुस्लिम पक्ष के कुछ लोगों ने हिंदू पक्ष के एक युवक पर ब्लेड से हमला कर दिया।
👮 मामले की जांच में जुटी पुलिस: काशी मीरा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज, इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात
दोपहर के वक्त जब हिंदू संगठनों और नागरिकों ने विरोध किया था, तब मुस्लिम समुदाय ने भी इसका विरोध दर्ज कराते हुए काशी मीरा पुलिस स्टेशन में शिकायत की थी। हालांकि, उस समय पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत करवा दिया था, लेकिन रात होते-होते यही मुद्दा फिर से हिंसा का कारण बन गया। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और इलाके के तमाम सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है।
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