Indore Census 2027: इंदौर में जनगणना का पहला चरण शुरू; शहर में अब तक 8.08 लाख से अधिक मकानों की गणना पूरी
इंदौर: मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी और देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में आगामी ‘जनगणना 2027’ (Census 2027) को लेकर प्रशासनिक तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। जनगणना के निर्धारित पहले चरण के अंतर्गत वर्तमान में शहर के सभी वार्डों में मकानों की सूची बनाने (हाउस लिस्टिंग) और गणना का काम तेजी से जारी है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इंदौर नगर निगम (IMC) की सीमा के भीतर अब तक रिकॉर्ड 8.08 लाख से अधिक आवासीय और व्यावसायिक निर्माणों की गणना सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी है।
प्रशासनिक रिकॉर्ड की तुलना करें तो, इससे पहले साल 2011 की नियमित जनगणना के दौरान इंदौर नगर निगम की तात्कालिक सीमा में कुल तीन लाख 96 हजार 12 निर्माण (मकान व प्रतिष्ठान) चिह्नित किए गए थे। वर्तमान आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि इंदौर महानगर का ढांचा बेहद तेजी से बदला है।
📈 बीते 15 वर्षों में इंदौर में संपत्तियों की संख्या हुई दोगुनी से अधिक: हर साल औसतन बन रहे साढ़े सत्ताइस हजार नए मकान
जनगणना के इन ताजा और आधिकारिक आंकड़ों का बारीक विश्लेषण करें तो एक बेहद चौंकाने वाला और सकारात्मक तथ्य सामने आता है। इसके अनुसार, बीते 15 वर्षों (2011 से 2026) के दौरान इंदौर शहर में संपत्तियों और मकानों की कुल संख्या में दोगुना से भी अधिक का बंपर इजाफा दर्ज किया गया है। सांख्यिकीय गणना के आधार पर इंदौर की शहरी सीमा में हर वर्ष औसतन साढ़े सत्ताइस हजार (27,500) नए मकानों व बहुमंजिला इमारतों का निर्माण हुआ है।
यह विकास दर मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के कई बड़े महानगरों के मुकाबले काफी अधिक है, जो इंदौर में बहुत तेजी से हो रहे चौतरफा शहरी विस्तार (Urbanization), नए क्षेत्रों के समावेशन और आर्थिक विकास की मजबूत रफ्तार को सीधे तौर पर बयां कर रही है। बुनियादी ढांचे के इस फैलाव को देखते हुए नगर निगम अब नए सिरे से नागरिक सुविधाओं के विस्तार की प्लानिंग में जुट गया है।