Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE आईडीए में फर्जीवाड़ा,गिरोह के तीन सदस्य धराएं,एक गिरोह अभी भी पुलिस की जद से बाहर,तीन आरोपित ... INDORE पार्ट 4, पर्यावरण का दुश्मन रॉयल ग्रीन काउंटी टाउनशिप कर्ताधर्ता और विकासकर्ता,गिट्टी मुरम चो... INDORE महाजाम से परेशान आमजनता,कलेक्टर ने संभाला मोर्चा,MPRDC,मेट्रो,PWD,IDA के अधूरे निर्माण बनी मु... INDORE पार्ट THREE पर्यावरण का दुश्मन रॉयल ग्रीन काउंटी टाउनशिप,सरकारी जमीन निजी सड़क,तालाब पर कब्ज़ा... INDORE जोन 11, ना ही नक्शा न कोई अनुमति, बीओ,बीआई,पार्षद,बिल्डर की गठजोड़ से हो रहा अवैध निर्माण,बेसम... INDORE पार्ट two हरियाली ही नहीं पूरे पर्यावरण का दुश्मन रॉयल ग्रीन काउंटी टाउनशिप कर्ताधर्ता,तालाब ... DHAR पांच सौ वर्षों पुराने दुर्लभ प्रजाति खुरासानी इमली के पेड़ को नहीं मिल रहा न्याय,शिकायतकर्ता जि... INDORE सड़कों से लेकर सदन तक कांग्रेस के सरकार को घेरने की बात,मुख्यमंत्री से पूछे कांग्रेसियों ने स... INDORE बारिश आगे आगे मेयर पीछे! क्या अधिकारी नहीं सुनते महापौर की बात? जोरदार बरसात ने कर दिया शहर क... INDORE नगर निगम की वॉटर बेस्ट कोल्ड डामर बह गया पानी में,धरी रह गई जिम्मेदारों की हरवर्ष की नईं तकनी...

Travel News: गर्मी की छुट्टियों के लिए 42 दिन बाद खुला 11,500 फीट ऊंचा [हाईवे का नाम/श्रीनगर-लेह हाईवे

19

Manali-Leh Highway Open Now: चिलचिलाती गर्मी से राहत पाने की चाहत रखने वाले पर्यटकों और एडवेंचर के शौकीनों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण और दुनिया के सबसे खूबसूरत मार्गों में शुमार 427 किलोमीटर लंबा मनाली-लेह हाईवे सीमा सड़क संगठन (BRO) ने बहाल कर दिया है. भारी बर्फबारी के कारण बंद पड़े इस मार्ग को खोलने के लिए बीआरओ के जवानों ने माइनस डिग्री तापमान और हड्डियों को गला देने वाली ठंड के बीच लगातार 42 दिनों तक कड़ी मशक्कत की.

मंगलवार को बीआरओ के जांबाज जवानों ने 16,040 फीट ऊंचे बारालाचा पास से बर्फ की ऊंची दीवारों को काटकर हाईवे के दोनों छोरों को आपस में मिला दिया. इस मार्ग की बहाली के साथ ही अब मनाली से लेह तक सेना के वाहनों, रसद और पर्यटकों की आवाजाही का रास्ता साफ हो गया है. सड़क बहाली का कार्य पूरा होने की खुशी में सरचू में बीआरओ की ‘दीपक’ और ‘हिमांक’ परियोजना के अधिकारियों ने एक-दूसरे का स्वागत कर ‘गोल्डन हैंडशेक’ सेरेमनी मनाई.

एवलांच और बर्फबारी ने ली कड़ी परीक्षा

मनाली-लेह मार्ग (लेह की समुद्र तल से ऊंचाई 11,500 फीट) को बहाल करना किसी चुनौती से कम नहीं था. इस मार्ग पर मनाली से सरचू तक करीब 26 एवलांच प्वाइंट हैं, जो हर पल जवानों की परीक्षा ले रहे थे. बहाली का कार्य 27 मार्च को शुरू किया गया था. कर्नल गौरव (कमांडर, दीपक परियोजना) ने बताया कि खराब मौसम और भारी बर्फबारी के कारण जवानों को 42 दिनों के भीतर 6 बार बैक गियर (पीछे हटना) भी लगाना पड़ा, लेकिन उनके बुलंद हौसलों ने आखिरकार जीत हासिल की.

पर्यटक कब से कर सकेंगे आवाजाही?

सड़क से बर्फ हटाकर मार्ग तो जोड़ दिया गया है, लेकिन पर्यटकों के लिए इसे खोलने में अभी कुछ औपचारिकताओं का समय लगेगा. कर्नल गौरव के अनुसार, बीआरओ अब लाहुल-स्पीति प्रशासन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करेगा. सड़क की वर्तमान स्थिति और सुरक्षा मानकों की जांच के बाद, अगले कुछ ही दिनों में वाहनों की आवाजाही को हरी झंडी दे दी जाएगी.

टूरिज्म और सेना के लिए क्यों है खास?

यह मार्ग सीमा पर तैनात जवानों तक जरूरी रसद और सैन्य साजो-सामान पहुंचाने का मुख्य जरिया है. गर्मी की छुट्टियों में लेह-लद्दाख जाने वाले बाइकर्स और पर्यटकों के लिए यह लाइफलाइन है. मार्ग खुलने से मनाली और लद्दाख के पर्यटन कारोबार में भारी उछाल आने की उम्मीद है. मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच इस मार्ग पर जमी बर्फ के बीच सफर करना सैलानियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं होगा.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!