Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE,कनाडिया थाना क्षेत्र, संपत ग्रीन्स में चोरों का आतंक,लाखों की चपत लगा चुके अज्ञात चोर, दशहत म... INDORE,जोनल कार्यालय 11 वार्ड 60, निगम तोड़ेगा शकील ओलंपिक का अवैध निर्माण,खजराना स्थित एक और अवैध न... INDORE, स्मार्ट हक़ीकत,जमीन में उतरी नहीं केबलें,अफसरों की जालसाजी! स्मार्ट क्षेत्र, आसमान में लटकते... INDORE,भागीरथपुरा दूषित जलकांड,36 मौतों का कौन जिम्मेदार,600 पन्नो की सीलबंद रिपोर्ट में निगम अधिकार... INDORE, पुलिस का रक्षाबंधन त्यौहार पर महिलाओं को तोहफ़ा,सुरक्षा के तैनात रहेगा शक्ति मोबाइल दल। INDORE,यूनीपोल, लॉलीपॉप अवैध होर्डिंगों की शहर में बाढ़,PRJ OOH, सुपीरियर सर्विसेज एडवायइजिग कंपनी कर... INDORE, नशे की लत ने बनाया मोबाइल स्नेचर,पुलिस ने महज 12 घंटों में 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार,16 स्... INDORE, पुलिस को मिले अत्याधुनिक संसाधन,क्राइम इनवेस्टिगेशन और फील्ड पुलिसिंग को मिलेगी अलग नईं दिशा... INDORE,सुप्रीम कोर्ट ने BCI के आदेश पर लगाई रोक, वरिष्ठ अधिवक्ता पूर्व न्यायिक अधिकारी नरेंद्र जैन क... INDORE, पहले से ही अनाथ 88 गेंट्री, अब 70 नयी गेंट्री फिर तैयार, 200 करोड़ का नुकसान,7 सालों से नहीं...

NASA-ISRO Update: डूब रहा है दुनिया का एक बड़ा शहर! मेक्सिको सिटी की गहराई माप रहा है भारत-अमेरिका का सैटेलाइट

43

मेक्सिको की राजधानी मेक्सिको सिटी धीरे-धीरे जमीन में धंसती जा रही है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, शहर के कुछ हिस्से हर महीने 2 सेंटीमीटर तक नीचे जा रहे हैं. अब इस खतरे पर नजर रखने के लिए NASA और भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO के जॉइंट सैटेलाइट मिशन NISAR का इस्तेमाल किया जा रहा है. यह सैटेलाइट जमीन में होने वाले बहुत छोटे बदलावों को भी पकड़ सकता है.

मेक्सिको सिटी के बीच का इलाका इस समस्या की सबसे बड़ी मिसाल बन गया है. यहां का मशहूर कैथेड्रल एक तरफ झुक गया है, जबकि उसके पास मौजूद चर्च दूसरी तरफ झुका हुआ दिखाई देता है. नेशनल पैलेस की इमारत भी टेढ़ी नजर आती है. वैज्ञानिकों का कहना है कि शहर पिछले 100 साल से धीरे-धीरे धंस रहा है, लेकिन अब इसकी रफ्तार ज्यादा बढ़ गई है.

जमीन धंसने की वजह से सीढ़ियां जोड़नी पड़ी

NASA के मुताबिक, NISAR सैटेलाइट ने पाया कि मेक्सिको सिटी के कुछ इलाके हर महीने 2 सेमी से ज्यादा नीचे जा रहे हैं. यह दुनिया में जमीन धंसने की सबसे तेज रफ्तार में से एक मानी जा रही है. शहर का मशहूर एंजेल ऑफ इंडिपेंडेंस स्मारक भी इस समस्या का बड़ा उदाहरण है. यह स्मारक 1910 में बनाया गया था, लेकिन आसपास की जमीन नीचे जाने की वजह से अब तक इसके नीचे 14 नई सीढ़ियां जोड़नी पड़ी हैं.

क्यों धंस रहा है ये शहर?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मेक्सिको सिटी एक पुरानी झील के ऊपर बसा है. यहां की मिट्टी बहुत नरम और चिकनी है. शहर की करीब आधी पानी की जरूरत भूजल से पूरी होती है. लगातार बड़ी मात्रा में पानी निकालने से जमीन अंदर की तरफ सिकुड़ रही है और शहर धंस रहा है. NASA के वैज्ञानिक मारिन गोवोरचिन ने बताया कि जितनी तेजी से भूजल निकाला जा रहा है, उतनी तेजी से बारिश का पानी जमीन के अंदर वापस नहीं पहुंच पा रहा. इसी वजह से जमीन लगातार दबती जा रही है.

सड़कें, पाइपलाइन और मेट्रो पर असर

जमीन धंसने का असर पूरे शहर पर दिख रहा है. कई सड़कें टूट रही हैं, इमारतें टेढ़ी हो रही हैं और पानी की पाइपलाइन फट रही हैं. इससे शहर का करीब 40% पानी लीकेज में बर्बाद हो जाता है. मेट्रो सिस्टम को भी नुकसान पहुंच रहा है. कम बारिश और बढ़ते जल संकट ने हालात और मुश्किल बना दिए हैं.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर भूजल का इस्तेमाल कम नहीं हुआ तो आने वाले समय में शहर के कई हिस्सों में पानी की भारी कमी हो सकती है. वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि NISAR सैटेलाइट से मिलने वाली नई जानकारी से इस समस्या को बेहतर तरीके से समझने और भविष्य के खतरे को कम करने में मदद मिलेगी.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!