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Mother’s Day 2026: कौन हैं अष्ट वसु, 11 रुद्र और 12 आदित्यों की माता? जानें सनातन धर्म में सृष्टि की इन महान जननियों की कथा

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Mother’s Day 2026 Date: यह सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि पूरी सृष्टि का आधार है. सनातन धर्म में भी मातृत्व को सर्वोच्च स्थान दिया गया है. वेदों और पुराणों में ऐसी कई दिव्य माताओं का वर्णन मिलता है, जिन्होंने देवताओं, ऋषियों और समस्त जीवों को जन्म दिया. इन्हीं में सबसे महत्वपूर्ण नाम है देवी अदिति का, जिन्हें देवताओं की माता और सृष्टि की जननी कहा गया है. इस साल मदर्स डे 10 मई रविवार को मनाया जाएगा. ऐसे में मां के प्रेम, त्याग और संरक्षण की भावना को समझने के लिए देवी अदिति के बारे में जानना बेहद खास हो जाता है. मान्यता है कि अष्ट वसु, 11 रुद्र और 12 आदित्य जैसे शक्तिशाली देवगण भी देवी अदिति की ही संतान हैं. यही कारण है कि सनातन परंपरा में उन्हें देवमाता और विश्वमाता कहा गया है

कौन हैं देवी अदिति?

वैदिक ग्रंथों के अनुसार देवी अदिति ऋषि कश्यप की पत्नी और देवताओं की माता हैं. अदिति शब्द का अर्थ होता है, जिसकी कोई सीमा न हो, यानी असीम और अनंत शक्ति. ऋग्वेद में देवी अदिति को स्वतंत्रता, करुणा, सुरक्षा और मातृत्व का प्रतीक माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अदिति केवल देवताओं की ही माता नहीं, बल्कि पूरे ब्रह्मांड की पालनकर्ता शक्ति हैं. वे अपने बच्चों की रक्षा करने वाली दिव्य मातृशक्ति का स्वरूप मानी जाती हैं.

अष्ट वसु कौन हैं?

सनातन धर्म में अष्ट वसु आठ दिव्य शक्तियों को कहा जाता है, जो प्रकृति और ब्रह्मांड के विभिन्न तत्वों का प्रतिनिधित्व करते हैं. इनके नाम हैं, धरा, अग्नि, वायु, द्यौ, सूर्य, चंद्र, नक्षत्र और जल से जुड़े देवता. महाभारत में भीष्म पितामह को अष्ट वसु का अवतार माना गया है. मान्यता है कि ये देवगण प्रकृति के संतुलन और सृष्टि के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

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