अबMIC सदस्य मनीष शर्मा मामा ने खोला इंदौर नगर निगम की रिश्वतखोरी का पिटारा,मार्केट विभाग के बाद स्वास्थ्य विभाग में बड़े झोल,1500 की रसीद भी,मगर पंद्रह सौ की सेवा के नहीं हो रहा था काम।
अब तो MIC सदस्य मनीष शर्मा ने साफ कर दिया बिना रिश्वत के नहीं होवे इंदौर नगर निगम में कोई काम।मार्केट विभाग की पोल खोल के बाद इंदौर नगर निगम के दूसरे स्वास्थ्य विभाग के हाल, फिल्मी अंदाज में रिश्वतखोर निगमकर्मी धराया भी और निगम अधिकारी देते रहे सफाई, मानो उन्हें मालूम नहीं हालात ए स्वच्छ नगर निगम!
✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर।
इंदौर नगर निगम देशभर में सफाई में नंबर एक हैं। लोगों को सिखाने वाला शहर हैं। लेकिन इंदौर नगर निगम अमले की रिश्वतखोरी ही क्यों न हो।

जिसे इंदौर महापौर परिषद सदस्य मनीष शर्मा मामा ने अपने फिल्मी अंदाज में पोल खोल दी। दरअसल मामला महज एक सेप्टिक टैंक की सफाई का ही क्यों न हो,लेकिन छोटे से बड़े तक रिश्वत की बीमारी ऐसी लगी हैं कि वह 1500 रुपए की इंदौर नगर निगम की रसीद कटवाने के बावजूद पंद्रह सौ रुपए मांगे जाने का खुलासा हुआ। आपको बता हूं इंदौर शहर में यह प्रतिदिन का जो आंकड़ा है जो प्रतिदिन 22 जोनल कार्यालयों की बात की जाए तो लगभग आंकड़े बताते है कि 1258 ऐसे काम रोजाना आते हैं। अब आप ही सोचिए प्रतिदिन अगर इतने ही कार्यों में रिश्वत मांगी जाती है तो फिर यह आंकड़ा क्या होगा।

मामा तो मामा ठहरे,वहीं अंदाज खुलासा नया।
MIC सदस्य मनीष शर्मा मामा ने जिस तरह से उन्होंने रिश्वतखोरी का खुलासा किया। बताया जाता है कि अधिकारियों की बोलती बंद हैं। वह यहां वहां की बातें कर अपना और अपनो दिल बहला रहे हैं। खैर बात करते है MIC सदस्य मनीष शर्मा मामा की तो उन्होंने एक बड़े मामले का खुलासा किया। इसके पूर्व निगम जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौड़ मार्केट विभाग की बड़ी सेटिंग की कमर तोड़ने की कोशिश कर चुके हैं। लेकिन अब शांत खैर बात मनीष शर्मा मामा की तो उन्होंने उक्त कार्यवाही को अंजाम तक पहुंचाया।