इंदौर नगर निगम मार्केट विभाग में हो रहे कांड पर कांड,नेता अनजान! मलाई खा रहे अफसर कर्मचारी,मेट्रो लाइन ग्रीन जमीन ने खोल दिया बड़े खेल का किस्सा।
इंदौर नगर निगम के मार्केट विभाग में हो रहे कांड पर कांड,,,नेता अनजान! मलाई खा रहे अफसर! मेट्रो लाइन मामले ने खोले राज़,अपर आयुक्त आकाश सिंह का कहना अगस्त 2025 में हुए थे वर्क ऑर्डर, झोल ही झोल मार्केट विभाग का एक अदना कर्मचारी कर रहा विज्ञापन बोर्डों में बड़ा खेल। पहले से ग्रीन बेल्ट हो रहा तहस नहस,बिना निविदा ही बड़ा मामला?

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर।
इंदौर नगर निगम का मार्केट विभाग इन दिनों अफसरों के खेल का अड्डा बन गया हैं। दरअसल यह खेल हो रहा शहर को गंदा दिखाने वाले विज्ञापन बोर्डों के दम पर। जी हां नगर निगम के ही विश्वनीय सूत्र बताते है कि उक्त विज्ञापन बोर्डों के चक्कर में करोड़ो के राजस्व का चुना भी इंदौर नगर निगम को लगाया जा रहा हैं। और इस पूरे मामले में इंदौर नगर निगम मार्केट विभाग के अपर आयुक्त से लेकर इसी विभाग के मस्टर कर्मचारी जिसका नाम राकेश चौहान बताया जाता हैं। इस इंदौर नगर निगम के मार्केट विभाग में कांड पर कांड चल रहे हैं। और अफसरों से पूछा जाए तो वह मात्र सफाई देते फिर रहे हैं। लेकिन उक्त मामले की सफाई में खुद यही निगम अफसर अपनी नाकामी के किस्से बता रहे हैं।

2025 में हुआ था वर्क ऑर्डर जारी
न्यूज विथ तड़का डॉट कॉम ने इंदौर नगर निगम के मार्केट विभाग के अपर आयुक्त आकाश सिंह से उक्त मामले में चर्चा की गई तो उनका कहना था कि उक्त मेट्रो लाइन के नीचे तो लॉलीपॉप लगाए जा रहे थे। वह कार्य पिछले दो दिनों पूर्व ही शुरू हुआ था। लेकिन ठेकेदार एजेंसी जो कि दीपक एडवरटाइजिंग बताई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि उसके करता धरताओं ने उक्त क्षेत्र में में तय शर्त से कहीं ज्यादा और बड़े विशालकाय लॉलीपॉप लगा दिए थे। अपर आयुक्त आकाश सिंह के मुताबिक उक्त कार्य का ठेका निविदा और वर्क ऑर्डर की प्रक्रिया अगस्त 2025 में हुई थी। लेकिन जब आकाश सिंह से उक्त की कार्य की जानकारी के बारे में महापौर,समिति जनकार्य प्रभारी को उक्त कार्य की जानकारी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं देते हुए बात पलट दी।
समिति प्रभारी का निरीक्षण,जब खुली पोल

इधर मेट्रो लाइन स्थित ग्रीन बेल्ट जमीन पर लॉलिपॉप विज्ञापन बोर्डों का मार्केट विभाग के अफसर और कर्मचारी जिस तरह से दबा रहे हैं। उसे देखते हुए यह लगता है कि अगर इंदौर नगर निगम की जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौड़ सड़क पर नहीं उतरते तो मार्केट विभागीय अमले ने बड़ा खेल कर लिया था। दरअसल उक्त लॉलीपॉप विज्ञापन बोर्डों की बड़ी कमाई का हिस्सा ठेकेदार और अफसरों में बंदरबांट के रूप में बंट रहा था।
फिलहाल मार्केट विभाग अमला चर्चा में

दरअसल इंदौर नगर निगम का मार्केट विभागीय अमला पिछले लंबे समय से चर्चाओं में हैं। क्योंकि अगर गुमटियों की सेटिंग की बात की जाए या फिर शहर में ठेका निविदा पर दिए विज्ञापन बोर्ड। जिन्हें लेकर बड़ी कमाई बड़ा हिस्सा मार्केट विभाग में बंटता आ रहा हैं। जिसकी जानकारी खुद इंदौर नगर निगम के विश्वनीय सूत्र बता रहे हैं।

कर्मचारी बचता फिर रहा

इधर मेट्रो लाइन स्थित ग्रीन बेल्ट जमीन पर लॉलिपॉप विज्ञापन बोर्ड के मामले में ठेकेदार तो नपने वाला नहीं है। क्योंकि उसकी इसी विभाग से जुड़े राकेश चौहान नामक कर्मचारी से तगड़ी सेटिंग हैं। बताया जाता है कि खुद यही कर्मचारी निगम के ही अफसरों के बड़े लिफाफे झेलता हैं।