इंदौर की 72 बीघा जमीन का हुआ फर्जी नामांतरण,पटवारी लगा जमीन को ठिकाने लगाने,तहसीलदार पटवारी पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के कयास
इंदौर में हुआ 72 बीघा का फर्जी नामांतरण,जमीन को ठिकाने लगाने की चल रही है साजिश। पटवारी तिवारी राजनीतिक रसूब की लगा रहा जुगाड! तो तहसीलदार सहित अन्य खुड़ैल तहसील का अमला भी नपेगा,मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के बावजूद कार्यवाही में हो रही देरी।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर।
इंदौर जिले की भिंगारिया की 72 बीघा जमीन के फर्जी नामांतरण के बाद से ही खुड़ैल तहसील में खलबली मची हुई हैं दरअसल मुख्यमंत्री मोहन यादव की ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के बावजूद भी खुड़ैल तहसील अमला कार्यवाही की जद से अभी भी दूर हैं। इधर इन हलचलों के बीच मामले में उक्त 72 बीघा करीब जमीन को ठिकाने लगाने में अहम भूमिका निभाने वाले पटवारी रोहित तिवारी,तहसीलदार दयाराम निगम,सहित अमले खुड़ैल तहसील अमले पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की बातें चल पड़ी हैं। लिहाजा बताया जा रहा है कि पटवारी अपने राजनीतिक रसूब की जमावट में जुट गया हैं जबकि अवैध नामांतरण करवाने वाले 40 से ज्यादा पर भी उक्त मामले में FIR दर्ज करने के कयास लगाए जा रहे हैं।

18.031 हेक्टेयर जमीन का कर दिया फर्जी नामांतरण।

शिकायतकर्ता ने इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा को की गई शिकायत में बताया गया कि उक्त भिंगारिया की लगभग 72 बीघा जमीन संजीव कानूनगो,सुरेश कानूनगो,अजय कुमार त्रिवेदी,राजश्री जोशी,धर्मेंद्र कानूनगो,इंदु जोशी, की संयुक्त संपत्ति हैं। लेकिन पटवारी रोहित तिवारी,तहसीलदार दयाराम निगम सहित अन्य खुड़ैल तहसील के अमले की साठगांठ के चलते अन्य किसी के नाम पर सरकारी रिकॉर्ड में चढ़ाई जा चुकी हैं। और उक्त भूमि को पटवारी रोहित तिवारी अन्य किसी को बेचने की फिराक में हैं।