इंदौर नगर निगम ने बढ़ाया सम्पत्तिकर का दायरा,आत्मनिर्भर बनने के लिए आमजनता की जेब पर डाला जा रहा डाका,इधर आम व्यक्ति का जिम्मेदारों से सवाल, क्या हमसे वसूले पैसे से निर्माणों पर ही होंगे निर्माण,या नए कार्य?
इंदौर नगर निगम के नए नए फरमान,आत्मनिर्भर बनने के लिए आमजनता की जेब पर डाका, एमओएस, गार्डन, पार्किंग की जमीन पर भी निगम वसूलेगा सम्पत्तिकर,इधर आम व्यक्ति का जिम्मेदारों से सवाल, वसूली गई राशि से निर्माणों पर निर्माण से लुटाएंगे गाढ़ी कमाई।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर।
इंदौर नगर निगम को राज्य सरकार ने आत्मनिर्भर बनने की राह पर छोड़ दिया हैं। लिहाजा अब इंदौर नगर निगम की आत्मनिर्भर की इस राह में आमजनता की जेब पर सीधा असर हो रहा हैं। दरअसल नगर निगम के जिम्मेदारों ने संपत्तिकर के दायरे को बढ़ाते हुए अब पार्किंग,एमओएस,और घरों के बगीचों को भी इसके दायरे में डाल दिया हैं। लिहाजा ऐसे हालातों में आमजनता की जेब पर डाका डलने वाला हैं। इधर शहर की ही जनता का इंदौर नगर निगम महापौर पुष्यमित्र भार्गव,निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल सहित अन्य जिम्मेदारों से सवाल है कि आखिरकार जनता से वसूला गए इस पैसे से आखिर निगम करेगा क्या। क्योंकि निगम खजाने को खाली करने वालों से जनता पूछ रही है कि आखिरकार एक नहीं कई बार एक ही निर्माण कार्य सड़क, पेवर जैसे कार्यों के खुटाया जाएगा।

बढ़े टैक्स से जनता आक्रोशित।

इंदौर नगर निगम द्वारा बढ़ाए गए प्रॉपर्टी टैक्स का शहर में जमकर विरोध हो रहा हैं। और आमजनता इस फैसले से खासी आक्रोशित हैं। यही नहीं जनता अब जिम्मेदारों से सवाल कर रही है कि आखिर खजाने का पैसा गया कहां जो अब नए नए टैक्स जनता पर थोपे जा रहे हैं।

संपत्ति जनता की,टैक्स तो देना होगा।

न्यूज विथ तड़का डॉट कॉम ने इंदौर मेयर पुष्यमित्र भार्गव से जब उक्त मामले को लेकर पूछा तो उनका कहना था कि जो भी मकान है,और उसमें जो भी गतिविधि हो रही हैं उसकी जिम्मेदारी खुद संपत्तिधारक की हैं। वह एमओएस,पार्किंग और गार्डन में क्या करती है ये उनकी मर्जी लेकिन टैक्स तो अदा करना होगा।