IDA,मतलब सबकुछ हो सकता है, संपदा अधिकारी ने आउट सोर्स कर्मचारी को किया रवाना,मगर अब प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र पोरवाल ने करवा दी आमद,धड़ाधड़ भर्तियों पर पोरवाल पर उठ रही उंगलियां।
IDA,,, मतलब सबकुछ हो सकता हैं,आउट सोर्स कर्मचारी को लेकर दो अधिकारियों में उथल पुथल! एक ने दो महीनों पूर्व किया प्राधिकरण से रवाना अब दूसरे ने अचानक इंदौर विकास प्राधिकरण में दे दी आमद।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
इंदौर विकास प्राधिकरण में एक आउट सोर्स कर्मचारी खुद अधिकारियों का सर दर्द बना हुआ हैं। या उस पर कोई ऐसा हाथ जो एक अधिकारी के उसे रवाना करने बावजूद भी उसे दूसरे अधिकारी ने इंदौर विकास प्राधिकरण में आमद दिलवा दी। जिसे लेकर अब इंदौर विकास प्राधिकरण के गलियारों में जमकर चर्चा है कि उक्त आउट सोर्स कर्मचारी ये दोनों अधिकारियों के बीच घमासान की वजह साबित हो सकता हैं। वहीं साथ ही अब एक बड़ी बात ये भी सामने आ रही है कि आखिरकार उक्त आउट सोर्स कर्मचारी से इन आधिकारियों का ऐसा क्या मीठा है, जो उसे इंदौर विकास प्राधिकरण के बाहर जाने ही नहीं हैं। खैर समझने वाले सभी समझदार है लेकिन बात यहीं की आखिरकार आईडीए से बाहर किया गया उक्त कर्मचारी कैसे दोबारा नहीं बल्कि कईयों बात इंदौर विकास प्राधिकरण की दहलीज तक पहुंच जाता हैं। उसके आगे इंदौर विकास प्राधिकरण के अधिकारी बौने नजर आते हैं।

कौन है उक्त कर्मचारी।
दरअसल इंदौर विकास प्राधिकरण की संपदा शाखा में आउट सोर्स कर्मचारी पंकज गुनारे के चर्चित किस्सों और खुद संपदा शाखा प्रभारी मनीष श्रीवास्तव की आंख की किरकिरी बने उक्त कर्मचारी को खुद संपदा शाखा प्रभारी मनीष श्रीवास्तव ने बाहर का रास्ता दिखा दिया था। हालांकि इस दौरान भी उक्त आउट सोर्स कर्मचारी ने खुद पैर मारते हुए योजना शाखा में अपने पैर जमाने की कोशिश भी की थी। लेकिन योजना शाखा में वर्षों से अंगद जैसे जमे हुए बाहुबली कर्मचारियों ने पंकज गुनारे की दाल गलने नहीं दी थी। और पूरी तरह से गुनारे का हिसाब किताब करते हुए उसकी बिदाई हो गई थी। लेकिन अब यह कर्मचारी एक बार फिर यहां अपनी जगह बनाने में कामयाब हो गया हैं।

IDA प्रशासनिक अधिकारी पोरवाल ने करवाई इंट्री!
जिस संपदा शाखा में आउट सोर्स कर्मचारी पंकज गुनारे को खुद संपदा शाखा प्रभारी मनीष श्रीवास्तव ने बाहर का रास्ता दिखाया था। उसे इंदौर विकास प्राधिकरण के ही प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र पोरवाल ने दोबारा इंदौर विकास प्राधिकरण में इंट्री करवाई हैं। जिसे लेकर अब दर्जनों नहीं सैकड़ों बातें,अटकलें,और कयास शुरू हो गए हैं। दरअसल उक्त पूरे मामले में शंका की सुई प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र पोरवाल पर टिक गई हैं। क्योंकि फिलहाल इंदौर विकास प्राधिकरण में आउट सोर्स कर्मचारीयो की थोक में भर्ती हो रही हैं यही नहीं वो भी प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र पोरवाल के पूरी निगरानी में। लिहाजा अब दर्जनों सवाल पोरवाल पर उठाए जा रहे हैं।
