मामला कुर्मेडी की फैक्ट्रियों द्वारा गंदा पानी छोड़ने का,मंत्री की फटकार,इंदौर नगर निगम के जिम्मेदारों ने रस्म निभाते हुए की इतिश्री रहवासी नाराज हमेशा निगम करता है सिर्फ औपचारिकता।
मामला कुर्मेडी स्थित फैक्ट्रियों द्वारा दूषित जल छोड़ने का,
न्यूज विथ तड़का डॉट कॉम ने चेताया,फिर मंत्री ने लगाई फटकार,तब कहीं जाकर जागे थे इंदौर नगर निगम के जिम्मेदार,लेकिन चंद रुपए वसूलते हुए अपनी जिम्मेदारी से कर इतिश्री।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
न्यूज विथ तड़का डॉट कॉम ने कुर्मेडी स्थित फैक्ट्रियों द्वारा नाले में और आसपास की जमीन में दूषित पानी छोड़ने का मामला पिछले दिनों उठाया था। उक्त क्षेत्र मध्यप्रदेश के जलसंसाधन मंत्री तुलसी सिलावट का विधानसभा क्षेत्र हैं। जहां फैक्ट्री संचालक बेखौफ दूषित पानी को नाले सहित आसपास की जमीन पर छोड़ रहे हैं। लिहाजा महीनों बाद स्थानीय विधायक और प्रदेश के कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट की नींद खुली और उन्होंने ताबड़तोड़ क्षेत्र का दौरा किया। मंत्री जी ने इस दौरान निगम अफसरों को फटकार भी लगाई थी। लेकिन उसके बाद नगर निगम के जिम्मेदार अफसरों ने भी रस्म अदायगी करने के अलावा कुछ खास नहीं किया। दरअसल उक्त क्षेत्र में निगम अमले ने आर्थिक जुर्माना ठोकते हुए अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। लेकिन सख्ती और सख्त कार्यवाही की बजाय उन्होंने भी मात्र हमेशा की तरह फैक्ट्री संचालकों को अर्थदंड वसूलते हुए छोड़ दिया। इधर निगम के जिम्मेदार की उक्त कार्यवाही से स्थानीय लोगों में जमकर नाराजी हैं। क्योंकि फैक्ट्री संचालक अर्थदंड होने के बावजूद भी दूषित पानी को बहाना बंद नहीं किया हैं। और हालात यह है कि यहां से आने जाने वाले रहवासी बदबू गंदगी से खासे नाराज हैं।

हमेशा की परेशानी जिसका जिम्मेदारों के नहीं कोई जवाब।

स्थानीय रहवासियों ने चर्चा में बताया कि उक्त क्षेत्र की फैक्ट्रियों द्वारा दूषित गंदा पानी नाले में ही बहाया जा रहा हैं। जिसकी वजह से क्षेत्र में बदबू भरी हवाएं चलती रहती हैं। यहीं नहीं इधर गुजरना भी बहुत मुश्किल हो जाता हैं। जबकि फैक्ट्रियों के बड़े बड़े ट्रक और अन्य वाहन यहां सड़क घेरे रहते हैं। जिसकी वजह से आना जाना काफी ज्यादा दिक्कतों भरा हैं।

क्षेत्र की बावड़ी पर भी कब्जा तन गई दुकानें।
इसके अलावा लोगों का कहना है कि क्षेत्र की बावड़ी भी इन फैक्ट्री संचालकों ने दूषित कर दी हैं। वहीं दूसरी तरफ इसी बावड़ी पर लोगों ने कब्जा जमा लिया हैं। और नाले पर निर्माण करते हुए मकान और दुकान तान दिए हैं।