Banana Farming Success Story: केले की खेती ने बदली किसान की तकदीर, आर्थिक तंगी दूर कर दिलाई समृद्धि और सम्मान
लातेहारः पुराने जमाने में कहावत थी कि खेती आजीविका का सबसे बेहतर साधन होता है. भले ही वर्तमान समय में यह विचारधारा बदल गई है लेकिन अभी भी बहुत से लोग ऐसे हैं जो खेती की वजह से सम्मान और खुशहाली दोनों का आनंद ले रहे हैं. लातेहार सदर प्रखंड के पेसरार पंचायत अंतर्गत पेचेगड़ा गांव निवासी परवेज अंसारी इसी बात के उदाहरण हैं.
लाभ होने पर परवेज ने केले की खेती बड़े पैमाने पर शुरू की
परवेज अंसारी केला की खेती की बदौलत जहां आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं, वहीं समाज में भी इनकी प्रतिष्ठा बढ़ी है. दरअसल परवेज अंसारी की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. वह गांव में ही रहकर छोटे-मोटे कारोबार करते थे. जिससे हमेशा उनके समक्ष आर्थिक समस्या बनी रहती थी. परंतु परवेज का लगाव हमेशा से ही खेती के साथ रहा. अपने खेतों में कुछ-कुछ खेती करते रहते रहते थे.
इसी बीच उन्हें केला की खेती की जानकारी हुई. उन्होंने आरंभिक दौर में मात्र दो केले के पौधे अपनी जमीन में लगाया. कुछ ही महीनों बाद केले के पौधों के अगल-बगल केले के कई नए पौधे निकल आए. परवेज ने उन्हें भी थोड़ी-थोड़ी दूरी पर लगा दिया. केले की पहली फसल में हीं परवेज को काफी अच्छी आमदनी हुई. इसके बाद परवेज ने केला की खेती बड़े पैमाने पर आरंभ कर दी.
कम मेहनत और आमदनी होती है बंपर
इधर इस संबंध में परवेज अंसारी ने बताया कि गांव के ही कुछ लोगों से उन्हें केले की खेती की जानकारी मिली थी. आरंभिक दौर में तो उन्होंने प्रयोग के तौर पर दो केले के पौधे लगाए थे. परंतु जब इससे उन्हें अच्छी आमदनी की संभावना जगी तो उन्होंने बड़े पैमाने पर केले की खेती आरंभ की. वर्तमान समय में 500 से अधिक केला के पौधे उनके खेतों में लगे हैं, जिससे उन्हें काफी अच्छी आमदनी भी हो रही है.
उन्होंने कहा कि जुलाई- अगस्त से लेकर दिसंबर तक कच्चा केला की बिक्री कर वह कम से कम 25 हजार रुपए प्रति माह कमाई कर लेते हैं. बाद में जब केला की कीमत थोड़ी कम होती है तो 10 हजार रुपए की कमाई होती है. कुल मिलाकर केला की खेती से सालों भर कमाई होती रहती है.
अन्य फलदार वृक्ष भी खेतों में लगाए
परवेज बताते हैं कि वह अपने खेतों में आम तथा अमरुद समय कुछ अन्य फलदार पेड़ भी लगाए हैं. इनमें भी फल आने आरंभ हो गए हैं. परवेज बताते हैं कि सबसे आसान और सबसे बेहतर खेती केला की खेती होती है. उन्होंने कहा कि केला की खेती करने से कभी नुकसान नहीं होता. उन्होंने अन्य ग्रामीणों से भी अपील की है कि यदि उनके पास जमीन हो तो उसमें केला की खेती करें, इससे कम मेहनत और कम पूंजी में ही अच्छी आमदनी होगी.
काफी फायदेमंद होते हैं कच्चे केले
इधर इस संबंध में प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. हरेनचंद महतो ने बताया कि कच्चे केले स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होते हैं. इसमें प्रचूर मात्रा में आयरन के साथ-साथ सभी प्रकार के पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं. कच्चे केले की सब्जी खाने से पाचन में सुधार, वजन कंट्रोल और मधुमेह को कंट्रोल करने में फायदा होता है. यह फाइबर, पोटेशियम, विटामिन बी6 और प्रतिरोधी स्टार्च से भरपूर होती है.
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