बुरे फंसे नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार,इंदौरी सफाईकर्मियों का फूटा आक्रोश,फूंका कांग्रेसी का पुतला,विवादित टिप्पणी करने से निगमकर्मी है नाराज।
बुरे फंसे उमंग सिंगार,सफाई मित्रों का किया अपमान,आक्रोशित निगम कर्मचारियों ने फूंका नेता प्रतिपक्ष का पुतला,काली पट्टी बांधकर कर रहे काम।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
इंदौर के भागीरथपुरा हादसे को लेकर राजनीति चरम पर हैं। एक तरफ जहां मध्यप्रदेश सरकार,अधिकारियों की चुस्ती कोई काम आते दिख नहीं रही हैं। क्योंकि भागीरथपुरा में मौतों का बढ़ता आंकड़ा थमने का नाम नहीं के रहा हैं। वहीं दूसरी तरफ उक्त हादसे के बाद पूरी कांग्रेस ने इंदौर में ही डेरा डाल रखा हैं। फिर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी,नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार, सहित NSUI,युवा कांग्रेस और महिला कांग्रेस ने भी इस हादसे की आग में अपनी राजनीति चमकाने में कोई कसर नहीं छोड़ी हैं। लेकिन अति उत्साह में राजनीतिक हथकंडे आजमा रहे कांग्रेसियों में से नेता प्रतिपक्ष अपने ही बयानों के चक्कर में बुरे फंस गए हैं। दरअसल उमंग ने वॉटर ऑडिट करने के दौरान जो बयानबाजी की। उससे नाराज सफाईकर्मी उमंग से खासे नाराज हो गए हैं।

और उन्होंने इसी आक्रोश के चलते उमंग सिंगार का पुतला तक फूंक दिया। इधर उक्त नाराजी को लेकर सफाईकर्मियों का कहना है कि कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने इंदौर को लेकर दिए गए बयान में सभी सफाईकर्मियों की मेहनत, लगन,ईमानदारी से किए गए कार्यों का अपमान कर दिया। उमंग ने पिछले दिनों स्वच्छता सर्वे में आठ बार नंबर एक आए इंदौर को लेकर कहा था कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इंदौर प्रथम आता गया हैं। लिहाजा अब सफाई कर्मियों ने उमंग सिंगार से माफी की मांग की हैं। और उन्होंने उमंग सिंगार के विरोध स्वरूप काली पट्टी बांधकर कामकाज करना शुरू कर दिया हैं।
पूरी कांग्रेस ने इंदौर में डाला डेरा।

भागीरथपुरा हादसे के बाद से ही कांग्रेसियों ने इंदौर में डेरा डाला हुआ हैं। हर कोई कांग्रेसी उक्त मामले के चलते अपनी राजनीति चमकाने में लगा हुआ हैं। इधर सत्तारूढ़ नेताओं ने कांग्रेसियों को सीख तक दे डाली है कि ऐसे वक्त और इस तरह के मामले में कांग्रेसी राजनीति करने से बाज आए। क्योंकि यह समय राजनीति करने का नहीं बल्कि लोगों को राहत देने का हैं। लेकिन इसके उल्टे कांग्रेसी कहा मानने वाले हैं। रोजाना भागीरथपुरा हादसे को लेकर कांग्रेसी कोई न कोई नौटंकी करने पर आमदा हैं।