IDA अध्यक्ष को मनीष श्रीवास्तव की शिकायत,फरियादी का कहना लाखों रूपए की मांग पूरी नहीं करने पर उलझा दिया मेरा मामला,कार्यवाही नहीं तो EOW,इनकम टैक्स और लोकायुक्त को भी करूंगा IDA संपदा अधिकारी की शिकायत
IDA अध्यक्ष संभागायुक्त को मनीष श्रीवास्तव की शिकायत,फरियादी ने संपदा अधिकारी पर लगाया आरोप,लाखों रुपयों की मांग के चलते कर रहे हैं परेशान,भूखंड मेरा,लेकिन कब्जाधारी को श्रीवास्तव का साथ।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
इंदौर विकास प्राधिकरण के संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव की करतूतों को रोजाना पोलपट्टी खुलती जा रही है। क्योंकि कैसे श्रीवास्तव बिना सेवा शुल्क कोई भी कार्य को अंजाम नहीं देते हैं। दरअसल ऐसे ही उजागर हुए एक मामले में अब फरियादी पक्ष ने इंदौर संभाग कमिश्नर और इंदौर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष डॉक्टर सुदामा खाड़े को मनीष श्रीवास्तव की लिखित शिकायत की। जिसमें शिकायतकर्ता ने मनीष श्रीवास्तव पर लाखों रुपए की मांग किए जाने की बात कही हैं। शिकायतकर्ता ने इंदौर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष डॉक्टर सुदामा खाड़े को की गई शिकायत में बताया है कि किस तरह से उनके IDA द्वारा आवंटित भूखंड पर अन्य तथाकथित व्यक्ति ने कब्जा जमाया हैं। और उस कब्जे को हटाने के और लीज डीड करने के लिए मनीष श्रीवास्तव उन्हें चक्कर तो कटवा रहे हैं। साथ ही साथ मामले को और भी ज्यादा पेचीदा बनाने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। क्योंकि मनीष श्रीवास्तव के अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर श्रीवास्तव फरियादी पक्ष को परेशान कर रहे हैं।
ये है मामला

इंदौर विकास प्राधिकरण संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव ने भूखंडधारी अजय मानसिगा,मल्हारगंज SDM और इंदौर नगर निगम रिमूवल उपायुक्त को दिनांक 2 जुलाई 2025 को पत्र जारी करते हुए कब्जा हटाने का हवाला दिया गया। जिसमें खुद मनीष श्रीवास्तव ने लिखा है कि फरियादी अजय मानसिंगा के स्कीम 78 स्थित आवंटित भूखंड से अवैध कब्जा जमाए बैठे व्यक्ति को अगले दिन यानी 3 जुलाई 2025 को हटाया जाएगा। लेकिन इस बीच अवैध कब्जाधारी कोर्ट चला जाता हैं। जिसमें IDA संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव सहित अन्य उक्त केस से हाथ खींचते हुए इस केस से बाहर हो जाते हैं। जबकि इसी मामले में दिलचस्प बात यह होती है कि उक्त केस फरियादी आवंटी अजय मानसिंगा को शामिल ही नहीं किया जाता हैं।
हाईकोर्ट का आदेश भी नहीं मान रहे श्रीवास्तव।

इधर इसके बाद फरियादी पक्ष अजय मानसिंगा के पक्ष में मप्र हाईकोर्ट द्वारा फरियादी को विधिसम्मत कब्जा दिलाने के आदेश हुए। लेकिन फरियादी की माने तो इसके बावजूद भी मनीष श्रीवास्तव ने फरियादी से लाखों रुपए की मांग की गई। लेकिन रुपए नहीं मिलने के चलते संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव ने फिर मामला घुमा दिया क्योंकि श्रीवास्तव ने DRM को पत्र लिखते हुए स्टांप ड्यूटी को लेकर पेंच फंसाने कि कोशिश की गई। लेकिन इसके उल्टे DRM ने मनीष श्रीवास्तव के पत्र के जवाब में लिख दिया कि स्टॉप ड्यूटी से संबंधित मसला पंजीयन विभाग का हैं। वह IDA से संबंधित लीज डीड का कार्य पूर्ण करें। अगर स्टांप ड्यूटी की बात आएगी तो इसे पंजीयन विभाग फरियादी से वसूल लेगा। हालांकि ऐसे मामलों में स्टांप ड्यूटी का कोई प्रावधान नहीं है यह IDA के ही जानकार हमें बता रहे हैं। लिहाजा ida संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव हाईकोर्ट के भी आदेश मानने को तैयार नहीं हैं।
अध्यक्ष को लिखित शिकायत में है पूरा मामला।

फरियादी पक्ष अजय मानसिंगा ने इंदौर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष डॉक्टर सुदामा खाड़े को की गई शिकायत में मनीष श्रीवास्तव की रिश्वतखोरी की पोल खोल कर दी हैं। उनके द्वारा की गई शिकायत में मनीष श्रीवास्तव पर लाखों रूपए मांगे जाने की बात भी हैं।
मैं लोकायुक्त,EOW, INCOME TAX सभी को करूंगा मनीष श्रीवास्तव की शिकायत।

चर्चा में शिकायतकर्ता अजय मानसिंगा ने कहा कि उन्होंने इंदौर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष डॉक्टर सुदामा खाड़े को इंदौर विकास प्राधिकरण संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव की लिखित शिकायत की हैं। अगर मनीष श्रीवास्तव पर सख्त कार्रवाई नहीं होती है तो फिर वह लोकायुक्त, EOW, INCOME TAX और अन्य सभी विभागों में मनीष श्रीवास्तव की शिकयत करेंगे। ताकि रिश्वतखोर मनीष श्रीवास्तव पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो सके।