IDA स्कीमों में लीज शर्तों का उल्लंघन,आवासीय भूखंड़,व्यवसायिक उपयोग,हैट्स ऑफ बार एंड रेस्टोरेंट, ऐसे सैकड़ों मामले,IDA संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव कार्यवाही की बजाय करते खानापूर्ति
- Ida संपदा अधिकारी का एक और कारनामा,इंदौर विकास प्राधिकरण के आवासीय भूखंड़ों पर बने हैट्स ऑफ बार एंड रेस्टोरेंट की जांच की फाइल ही दबा ली,और उल्टे हैट्स ऑफ बार एंड रेस्टोरेंट से हो गई सेटिंग!

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
इंदौर विकास प्राधिकरण की संपदा शाखा के कारनामों के खुलासे दिन प्रतिदिन होते जा रहे हैं। दरअसल शहर के निजी बिल्डर और कॉलोनीनाइजर यूं ही बदनाम लगते हैं क्योंकि इंदौर विकास प्राधिकरण की संपदा शाखा से बड़ा भूमाफिया इंदौर में और कोई साबित नहीं हो रहा हैं। इंदौर नगर निगम, जिला प्रशासन,और नगर और ग्राम निवेश की सांठगांठ और इंदौर विकास प्राधिकरण संपदा शाखा के भरपूर सहयोग के चलते IDA की आवासीय स्कीमों और आवासीय भूखंड़ों पर व्यवसायिक गतिविधियां बेखौफ संचालित हो रही हैं। जिसकी IDA की संपदा शाखा प्रभारी मनीष श्रीवास्तव को बकायदा शिकायत भी हुई थी। उसके बाद संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव ने नोटिस की नौटंकियां भी की। लेकिन नतीजा कुछ नहीं हुआ। सूत्र बता रहे हैं कि खुद संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव ने हैट्स ऑफ बार एंड रेस्टोरेंट संचालक से सेटिंग करते हुए अपनी रोटी सेंक ली। लेकिन इंदौर विकास प्राधिकरण को राजस्व का नुकसान होने दिया।
केवल हैट्स ऑफ बार एंड रेस्टोरेंट नहीं और भी सैकड़ों ऐसे भूखंड जहां जारी है अंधेरगर्दी।

संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव की सुस्ती कहे,या खुद अपनी सेटिंग, या अपने स्वार्थ सिद्ध करने की पॉलिसी। जिसके चलते इंदौर विकास प्राधिकरण की स्कीमें जिनमें स्कीम 54,94,97,103,151, सहित कई और ऐसी स्कीम है। जहां इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा आवासीय उपयोग हेतु आवंटित भूखंड़ों पर संयुक्तिकरण,आवासीय पर व्यवसायिक उपयोग जैसी बड़ी अनियमितताएं हैं। लेकिन इंदौर विकास प्राधिकरण का संपदा विभाग और उसके प्रभारी मनीष श्रीवास्तव इसे लेकर हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए है और इस सुस्ती की मुख्य वजह जो सूत्रों द्वारा बताई जा रही है वह है खुद की सेटिंग मात्र। जो कि हैट्स ऑफ बार एंड रेस्टोरेंट वाले मामले में संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव ने अपनाई हैं।
यह है पूरा मामला

इंदौर विकास प्राधिकरण की स्कीम नंबर 94 के भूखंड क्रमांक BA 51 और BA 52 को हैट्स ऑफ बार एंड रेस्टोरेंट संचालक ने संयुक्तिकरण करते हुए IDA द्वारा आवासीय उपयोग हेतु आवंटित भूखंड़ों पर व्यवसायिक गतिविधियां शुरू कर रखी हैं। जो कि इंदौर विकास प्राधिकरण की लीज शर्तों का खुला उल्लंघन हैं। इस मामले की शिकायत भी हुई लेकिन संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव ने इसमें खानापूर्ति करनी भी जरूरी नहीं समझा।