लव जिहाद फंडिग मामला,
अनवर कादरी की पार्षदी में फंसा पेंच,अफसर झाड़ रहे अपना पल्ला,नेता भी बैठ गए शांत।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
लव जिहाद फंडिग मामले में अनवर कादरी इंदौर पुलिस से हमेशा ही चार कदम आगे रहा हैं। क्योंकि फिर बात इंदौर से रफूचक्कर होने की हो। या फ़िर कोर्ट में पेश होना। अनवर कादरी ने पूरे समय पुलिस को चकमा देते हुए। पुलिस को नाकामयाब ही ठहराया हैं। इधर अब अनवर की पार्षदी मामले में भी अफसर कोई ख़ास दिलचस्पी नहीं ले रहे है। तो दूसरी तरफ़ अनवर कादरी को घेरने की बात करने वाले नेता भी अब शांत हो गए हैं। लिहाजा यह कहना गलत नहीं होगा कि अनवर कादरी की पार्षदी को लेकर होने जाने वाला कुछ नहीं हैं। क्योंकि खुद अफसर उक्त मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं तो दूसरी तरफ नेता भी अब हाथ पर हाथ धरकर बैठ गए हैं।
मामला संगीन,भाजपा सरकार फिर भी समय रहते ठोस कदम नहीं।

अनवर कादरी लव जिहाद फंडिग मामले में पहले फरार रहते हुए खुद पेश हुआ हैं। लेकिन भाजपा सरकार होते हुए भी अनवर कादरी पर पुलिसिया मेहरबानी तो नाकाम सख्ती देखी गई हैं। जबकि अब सरकार भी उक्त मामले घिरती नज़र आ रही हैं। क्योंकि खुद मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के कहने और दावों के बावजूद पुलिस का अनवर कादरी मामले में प्रदर्शन रहा है, वह अब सरकार को भारी पड़ रहा हैं। जबकि खुद भाजपा से जुड़े नेता अनवर कादरी की पार्षदी मामले को लेकर कोई खास रुख नहीं दिखा रहे हैं।