मामला गुलमर्ग परिसर सड़क के ग्रीन बेल्ट पर एयरटेल के अवैध टॉवर का,
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नगर निगम जनकार्य विभाग के खेल हो रहे उजागर।
✍️ अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर

प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत बनाए गए गुलमर्ग परिसर की ग्रीन बेल्ट की जमीन पर निजी टेलीकॉम कंपनी एयरटेल के अवैध मोबाइल टॉवर को लेकर अब नगर निगम इंदौर जनकार्य विभाग के खेल की जानकारी सामने आ रही हैं। दरअसल उक्त मामले को जब न्यूज WITH तड़का उठाते आ रहा है तभी से नगर निगम इंदौर के जिम्मेदारों जिनमें खुद महापौर पुष्य मित्र भार्गव,नगर निगम कमिश्नर शिवम वर्मा सहित अन्य ने चुप्पी साध ली हैं तो उक्त मामले को लेकर अब शंका की सुई नगर निगम के जनकार्य विभाग पर अटक गई हैं।

क्योंकि शहर में इस तरह की अनुमतियां देने की जिम्मेदारी नगर निगम जनकार्य विभाग की होती हैं। और फिलहाल जनकार्य विभाग और PMAY की जिम्मेदारी नगर निगम अधीक्षण यंत्री डी आर लोधी ही सम्भाल रहे हैं। लिहाजा अब गुलमर्ग परिसर सड़क के ग्रीन बेल्ट पर एयरटेल कंपनी के टॉवर को लेकर सभी की निगाहें जनकार्य विभाग के अधीक्षण यंत्री डी आर लोधी पर टिक गई हैं।
जनकार्य विभाग के जिम्मेदारों की चुप्पी खड़े कर रही सवाल

नगर निगम जनकार्य विभाग के कर्ता धर्ता अधीक्षण यंत्री डी आर लोधी सहित विभाग समिति प्रभारी राजेंद्र राठौड़ ने इस मामले में शुरू से ही चुप्पी साध रखी हैं। लेकिन वह नियम विरुद्ध सड़क के बीचों बीच ग्रीन बेल्ट की जमीन पर तान दिए गए एयरटेल कंपनी के टॉवर को लेकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
एयरटेल के जिम्मेदारों के पास जवाब नहीं।

इधर एयरटेल कंपनी के जिम्मेदारों जिनमें एयरटेल की पीआर संभाल रही आर्चर कंपनी के आदर्श सोनी सहित अन्य के पास कोई उचित जवाब नहीं हैं। उनसे न्यूज WITH तड़का द्वारा ग्रीन बेल्ट की जमीन पर अनुमति को लेकर पूछा गया तो पीआर कंपनी से जुड़े आदर्श सोनी का कहना है कि वह उक्त मामले में कुछ नहीं कह सकते है आपको एयरटेल कंपनी के जिम्मेदारों का ईमेल ID मिल सकता है जिस पर आप खुद ही बात करिए। जबकि उनका कहना था कि उन्होंने इस मामले की जानकारी एयरटेल तक पहुंचाई भी है लेकिन ऊपर से कोई जवाब नहीं आ रहा हैं।
लोधी सबसे बड़े खिलाड़ी

इधर गुलमर्ग परिसर की ग्रीन बेल्ट की जमीन पर एयरटेल कंपनी के मोबाइल टॉवर ताने जाने के बाद इस पूरे मामले में नगर निगम के जनकार्य विभाग की संलिप्तता उजागर हो रही है और इस पूरे खेल के पीछे अधीक्षण यंत्री डी आर लोधी की भूमिका भी संदेह के घेरे में हैं।