चेतन पाटिल तो सिर्फ प्यादा,जांच में नपेंगे और कई नाम,फर्जी भुगतान करने वाले विभाग,जिम्मेदार भी जद में
चेतन पाटिल तो प्यादा,सिर्फ अकेला नाम नहीं जिसने उगाएं घर में नोटो के पेड़,
अभी और की हैं बारी, बेनकाब होंगे और भी चेहरे।

अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार
इंदौर नगर निगम में जोनल अधिकारी रहे, अब उद्यान में पैसों के पौधे उगाने वाला चेतन पाटिल एक अकेला शख्स नहीं है। उसके अलावा और भी नाम है जो पाटिल के साथ उक्त भ्रष्टाचार में शामिल हैं। दरअसल कहानी एक तरफा नहीं हैं। बल्कि कई एंगल और भी हैं। लिहाजा भ्रष्ट चेतन पाटिल की कहानी अभी आगे कई और वाइट कॉलर तक जाकर रुकेगी ।पाटिल तो नगर निगम इंदौर में जारी भ्रष्टाचार में एक अदना कर्मचारी और छोटा सा किरदार हैं। लेकिन नगर निगम के उद्यान विभाग में पिछले लंबे समय से पौधों खरीदी का खेल बदस्तूर जारी हैं। क्योंकि चेतन से बन्दर बांट में मिले उसके हिस्से के लगभग पौने दो करोड़ की जानकारी आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ को मिली है। चेतन पाटिल एक अकेला शख्स नहीं हैं। जो इस भ्रष्टाचार के खेल में शामिल था। हालांकि अपनी आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की टीम जब्त किए दस्तावेजों और चेतन पाटिल से लगातार पूछताछ कर रही हैं। मगर विश्वनीय सूत्र बताते है कि चेतन के साथ जो जो उद्यान विभाग की गंदगी में शामिल और जिसके इशारे पर इतनी फर्जी खरीदियां की गई हैं
अब उस किरदार के सामने आने की जांच एजेंसी जांच में जुटी हुई है।
ऐसा हो नहीं सकता कि चेतन पाटिल सर्वे सर्वा
दरअसल चेतन पाटिल जिस पद पर है उसके ऊपर भी कई अन्य अधिकारियों की फौज हैं। और जांच एजेंसी भी यह नहीं मानती है कि फर्जी पौधे खरीदी में सिर्फ चेतन पाटिल ही किरदार हों। जबकि अब जांच आगे बढ़ते जा रही है। और लगभग यह तय माना जा रहा है कि पाटिल पुराण में और जो नाम है जिनके सहयोग से चेतन यह खेल को अंजाम दिया जिन्होंने स्वीकृति दी। जिन्होंने पेमेंट किया। वह विभाग और उनके जिम्मेदार भी नपेंगे।
54 जोनल कार्यालय में भी किए जमकर झोल।
इधर पाटिल पिछले वर्षों स्कीम 54 स्थित नगर निगम जोनल कार्यालय अधिकारी था। उसने अपने सभी रिश्तेदारों को उक्त जोनल कार्यालय पर नौकरी दिलवा रखी थी। लेकिन उसका कोई रिश्तेदार काम पर आता नहीं था। लेकिन हर महीने पगार जरूर निगम की और से रिलीज होती थी। जिसका एक हिस्सा खुद चेतन पाटिल रखता था। बाकी हिस्सा वह उन्हीं रिश्तेदारों में बांट देता था।