शहर कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव


जो नाम जिन्हें खुद कांग्रेसी नहीं करते पसंद,जिनके चल रहे, उन्हें आगे बढ़ने नहीं देंगे। यही है कांग्रेस की बीमारी
इंदौर।
कांग्रेस की गत दिल्ली से लेकर भोपाल तक और खुद इंदौर में भी काफी ज्यादा दयनीय है। दरअसल पार्टी नेताओं की माने तो शीर्ष नेतृत्व की कमजोरियों के चलते कार्यकर्ता भी काफी ज्यादा दुखी हो गए है। क्योंकि पार्टी में अभी भी गुटबाजी, पट्ठावाद जमकर हावी है। और इधर शहर कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर चल रही रायशुमारी भी इसी बीमारी से ग्रस्त है। दरअसल पर्यवेक्षक गुरजीत सिंह औजला कितनी भी निष्पक्षता की बात करें लेकिन होता,होगा वहीं जो कांग्रेस में होते आया हैं क्योंकि फिलहाल शहर अध्यक्ष को लेकर जारी रायशुमारी में नामों को झड़ी लग रही है। जिनमें खुद शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत चढ्ढा,तो मन बनाकर बने हुए है कि कांग्रेसियों की आपसी लड़ाई में उनका भला हो जाए। वहीं दूसरी तरफ जो नाम सामने आ रहे है। उसे लेकर कोई भी कांग्रेसी उन नामों को पसंद नहीं कर रहा है। बाकी शेष बचे नामों को लेकर अब यहीं नेता उन नेताओं को शहर कांग्रेस अध्यक्ष की लाइन में खड़े होने देने वाले नहीं है।
यह नाम जो अभी तक आए सामने
शहर कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर वर्तमान अध्यक्ष सुरजीत चढ्ढा भी अपने जमावट कर रहे हैं। इसी तरह अरविंद बागड़ी प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भरोसे अपना नाम बढ़ा रहे हैं लेकिन बागड़ी की फ़ुलछाप वाली छवि उन्हें आगे बढ़ने नहीं दे रही है। इसी तरह देवेंद्र सिंह यादव को खुद कांग्रेसी आगे आने नहीं दे रहे है। इसके अलावा युवा नेता अमन बजाज और पिंटू जोशी को खुद जीतू पटवारी पसंद नहीं करते हैं। इन हालातों में शहर को नया कांग्रेस अध्यक्ष कैसे मिलेगा। यानी सुरजीत चढ्ढा की ही संभावनाएं प्रबल बताई जा रही हैं। इसके अलावा कांग्रेस प्रवक्ता अमित चौरसिया, और प्रमोद द्विवेदी भी शहर कांग्रेस अध्यक्ष की दौड़ में शामिल हैं। इसके साथ ही पूर्व विधायक अश्विन जोशी इच्छा तो रखते है लेकिन उनका कार्यकर्ताओं और नेताओं से व्यवहार और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा से उठापटक इसमें आड़े आ रही है। रही बात अन्य नेताओं जिनमें गोलू अग्निहोत्री की तो गोलू को लेकर अभी से कांग्रेसियों ने मन बना रखा है कि लापता और दागदार नेता को पार्टी कैसे शहर कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठा दे।
इन नामों पर ज्यादा जोर
इन सभी नामों में पिंटू जोशी,अमन बजाज और देवेंद्र सिंह यादव जरूर यह तीन नाम है जो फिलहाल आगे तो है लेकिन भोपाल में किसका नाम आगे और किसका पीछे हो जाए यह सभी जानते है।
सुरजीत नहीं छोड़ना चाहते राजपाट
इधर वर्तमान अध्यक्ष सुरजीत सिंह चढ्ढा को लेकर यह बात तो साफ हो गई है कि किसी भी हालत मे वह अपनी गद्दी छोड़ने के मूड में नहीं है। लिहाजा अब कांग्रेसियों में यह बातें शुरू हो गई है कि कुछ भी नौटंकियां ही लेकिन होए वहीं जो ऊपर वाले चाहे।
महिला अध्यक्ष पर भी विचार
इधर शहर कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर इस बार पार्टी महिला अध्यक्ष पर भी विचार कर रही हैं लेकिन कांग्रेस की महिला नेत्रियों का जनाधार कितना है यह किसी से छुपा नहीं है। लिहाजा पर्यवेक्षक औजला खुद चक्करघिन्नी है।