INDORE,सायबर क्राइम मास्टरमाइंड पर पुलिस का शिकंजा,क्राइम ब्रांच ने किया मल्टी स्टेट फ्रॉड सिंडिकेट का भंडाफोड़,2 शातिर ठग गिरफ्तार।
साइबर क्राइम मास्टरमाइंड्स पर पुलिस का शिकंजा, इंदौर क्राइम ब्रांच ने ध्वस्त किया मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड सिंडिकेट, 2 शातिर ठग गिरफ्तार

ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और डिजिटल अपराधियों के खिलाफ इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने एक और बड़ी और निर्णायक सफलता हासिल की है। पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर के सख्त निर्देशों और पुलिस उपायुक्त (अपराध) के कुशल मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच इंदौर की टीम ने संगठित अंतर्राज्यीय साइबर धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (क्राइम) राजेश दंडोतिया ने बताया कि पुलिस टीम ने इस हाई-टेक रैकेट का पर्दाफाश कर मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। और दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

यूको बैंक के ‘म्यूल खातों’ और फर्जी सिम से चल रहा था देशभर में खेल

पकड़े गए आरोपी बेहद शातिर तरीके से म्यूल बैंक खातों और फर्जी एक्टिवेटेड सिम कार्डों का इस्तेमाल कर देश के कई राज्यों में जाल फैलाए हुए थे। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने यूको बैंक (UCO Bank) में जाली दस्तावेजों की मदद से कई खाते खुलवा रखे थे। इन खातों और अवैध सिम कार्ड्स का दुरुपयोग कर यह सिंडिकेट मल्टी-स्टेट में बैठे साइबर अपराधियों को वित्तीय ट्रांजेक्शन के लिए सुरक्षित रास्ता मुहैया करा रहा था, जिससे देशभर के मासूम लोगों की गाढ़ी कमाई लूटी जा रही थी। [1, 2]

भारी मात्रा में अवैध डिजिटल सामान और एटीएम कार्ड जप्त

पुलिस उपायुक्त के निर्देश पर जब क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी, तो उनके पास से साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाली भारी मात्रा में सामग्री बरामद हुई। पुलिस ने मौके से निम्नलिखित सामान जप्त किया है। 04 चालू मोबाइल फोन (अवैध चैट्स और कॉलिंग के लिए इस्तेमाल) 08 एक्टिवेटेड फर्जी सिम कार्ड (जिस पर बैंक के ओटीपी मंगाए जाते थे, 10 अलग-अलग बैंक पासबुक (म्यूल अकाउंट्स के रिकॉर्ड) 11 चालू एटीएम (ATM) कार्ड (ठगी की रकम निकालने के लिए प्रयुक्त)

नेटवर्क के अन्य संदिग्धों और मास्टरमाइंड्स की तलाश जारी

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (क्राइम) राजेश दंडोतिया के अनुसार, यह इंदौर पुलिस की एक शुरुआती कामयाबी है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से साइबर अपराध सिंडिकेट के पूरे नेटवर्क, उनके आकाओं और इसमें शामिल अन्य संदिग्ध बैंक अधिकारियों या एजेंटों के बारे में बेहद सघन पूछताछ की जा रही है। इंदौर क्राइम ब्रांच को उम्मीद है कि इस रैकेट की गहन विवेचना के बाद देशभर में फैले इस गिरोह के कई अन्य बड़े चेहरों और अंतर्राज्यीय कड़ियों का पर्दाफाश होगा।
