INDORE, पशुपालन विभाग,न्यूज WITH तड़का डॉट के खुलासे के बाद विभाग में मचा हड़कंप,बेजुबानों के उपचार के नाम पर की महिला डॉक्टरों ने सरकार से ठगी,सार्थक ऐप से फर्जी हाजरी लगाने का है मामला।
बेजुबानों के उपचार के नाम पर सरकार से ठगी,न्यूज WITH तड़का डॉट की खबर के बाद भोपाल से लेकर इंदौर तक मचा हड़कंप,दोनों महिला डॉक्टर लगी जमावट में,जबकि तत्कालीन संभागायुक्त,संचालक, संयुक्त संचालक की लापता हुए पत्र ने उड़ाई नींद। भोपाल से निकला था FIR के आदेश का पत्र,इंदौर तक नहीं पहुंचा,सार्थक ऐप से फर्जी हाजरी लगाने का है मामला।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर।
न्यूज WITH तड़का डॉट ने अपनी लगातार प्रसारित खबरों में पशुपालन विभाग के उन मास्टरमाइंड की पोल खोल दी थी। जो बेजुबानों के उपचार के नाम पर सरकार से ही ठगी कर रहे थे। दरअसल पशुपालन विभाग में पदस्थ डॉक्टर मिताली मेहता,पूनम त्रिपाठी,और गोल्डी श्रीवास्तव वीडियो कॉल के जरिए मुख्यालय पर पदस्थ अन्य कर्मचारियों की मिलीभगत से हाजरी लगाते आ रहे थे। और सरकारी खजाना भी ख़ाली कर रहे थे। लिहाजा न्यूज WITH तड़का डॉट ने जब उक्त मामले को प्रमुखता से उठाया तो भोपाल तक खलबली मच गई हैं। अवर सचिव सुनील मड़ावी ने सरकार से आर्थिक ठगी करने वाली दो डॉक्टरों मिताली मेहता और गोल्डी श्रीवास्तव पर FIR दर्ज करने के आदेश तक जारी कर दिए थे। लेकिन उक्त आदेश की कॉपी भोपाल से तो निकली लेकिन इंदौर आते आते यह आदेश ही रहस्यमई तरीके से गायब हो गया। इधर उक्त आदेश के गायब होने की खुलासा जब न्यूज WITH तड़का डॉट ने ने किया तो इसके बाद इंदौर से लेकर भोपाल तक पशुपालन विभाग में हड़कंप मच गया हैं। क्योंकि अवर सचिव सुनील मड़ावी का यह आदेश इंदौर पशुपालन विभाग में पदस्थ संचालक,संयुक्त संचालक और इंदौर संभाग कमिश्नर के नाम से जारी हुआ था। लेकिन फिलहाल अभी उक्त आदेश की कॉपी या यह पत्र रहस्यमयी तरीके से गायब होने की वजह से अब हालात यह है कि संचालक से लेकर संयुक्त संचालक पशुपालन विभाग कार्यालय में अफरा तफरी मच गई हैं। और उक्त आदेश वाले पत्र को खोजा जा रहा हैं।
24 अप्रैल 2026 का है पत्र।
अवर सचिव सुनील मड़ावी द्वारा जारी आदेश का पत्र में डॉक्टर मिताली मेहता,और गोल्डी श्रीवास्तव पर आर्थिक गबन को लेकर और सार्थक ऐप से फर्जी हाजरी लगाने के चलते FIR के आदेश हुए थे। लेकिन उक्त आदेश की प्रति भोपाल से तो निकली लेकिन इंदौर तक नहीं पहुंची।

संयुक्त संचालक हैरान परेशान।
इधर न्यूज WITH तड़का डॉट के खुलासे के बाद से ही संयुक्त संचालक विल्सन डाबर हैरान परेशान हैं। वहीं दोनों डॉक्टर जिनमें मिताली मेहता और गोल्डी श्रीवास्तव भी उनके कार्यालय के चक्कर काट रही हैं। क्योंकि यकायक पत्र का गायब हो जाना संयुक्त संचालक विल्सन डाबर पर भी कई सवाल खड़े कर रहा हैं।

तगड़ी सेटिंग का नतीजा।


अवर सचिव सुनील मड़ावी का उक्त आदेश यकायक गायब हो जाना कोई बड़ी साजिश और सेटिंग की और इशारा कर रहा हैं। क्योंकि उक्त पत्र तत्कालीन इंदौर संभाग कमिश्नर डॉक्टर सुदामा खाड़े के कार्यालय भी नहीं पहुंचा। फिलहाल डॉक्टर सुदामा खाड़े पशुपालन विभाग में ही पदस्थ किए गए हैं। लिहाजा अब देखना होगा कि भोपाल से निकले आदेश की नाफरमानी के चलते अब भोपाल से किस किस पर सख्त कार्यवाही होती हैं।