दतिया उपचुनाव,भाजपा में बगावती दौर,वरिष्ठ नेता लगे डेमेज कंट्रोल में,नरोत्तम मिश्रा के राजनीतिक वनवास पर अब सन्यास की लग सकती छाप,इधर बिना जीते कांग्रेसी खुश।
दतिया उपचुनाव,भाजपा में बगावती दौर,वरिष्ठ नेता लगे डेमेज कंट्रोल में,टिकट बदलाव के आसार खत्म अब बीजेपी को जितना बड़ी चुनौती,नरोत्तम मिश्रा की आस पर फिरा पानी,कांग्रेसी जितने के पूर्व ही हुए खुश।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर।
दतिया उपचुनाव को लेकर प्रदेश की सत्तारूढ़ पार्टी ने पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की उम्मीदों पर पानी फेरते हुए युवा उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारने की घोषणा कर दी हैं। जबकि अब टिकट तय होने के बाद दतिया में नरोत्तम समर्थकों ने अराजकता का माहौल बना दिया हैं। सड़के जाम से लेकर बाजार बंद तक के हालात बन गए हैं। वहीं जिस तरह से नाराज कार्यकर्ताओं ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल,मुख्यमंत्री मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटने के आरोप लगाये हुए इन शीर्ष नेताओं के खिलाफ मुर्दा बाद तक के नारे दतिया में गूंज रहे हैं। जबकि दूसरी और अब पार्टी के ही वरिष्ठ नेता दतिया में हुए पार्टी के डेमेज कंट्रोल की रणनीतियों में लग गए हैं। बताया जा रहा है कि दतिया उपचुनाव भाजपा प्रत्याशी को लेकर उक्त निर्णय दिल्ली दरबार से हुआ हैं। और नरोत्तम मिश्रा के सर्वे में कमजोर उम्मीदवारी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया हैं। वहीं उक्त पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेसी ऐसे है जो चुनाव लड़ने और जीतने के पूर्व ही बहुत खुश हो रहे हैं।
आशुतोष तिवारी युवा चेहरा लेकिन वरिष्ठ की नाराजी बड़ी चिंता।
भाजपा ने दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी के तौर पर ब्राह्मण उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को अपना प्रत्याशी घोषित किया हैं। जबकि चुनाव में दद्दा यानी नरोत्तम मिश्रा खेमे की नाराजी आशुतोष तिवारी के लिए बड़ी परेशानी की वजह साबित हो सकती हैं। लिहाजा बताया जा रहा है कि उक्त चुनाव को लेकर पार्टी अब एक समिति का गठन कर रही है। जिसमें पार्टी के ही वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया जाएगा। जो कि वर्तमान मंत्री और संगठन से जुड़े हुए हैं।
डेमेज कंट्रोल सबसे बड़ी चुनौती,लेकिन भाजपाई माहिर।

दतिया उपचुनाव में भाजपा के सामने डेमेज कंट्रोल करना बहुत बड़ी चुनौती साबित हो सकता था। लेकिन बीजेपी और उसके नेता डेमेज कंट्रोल करने में हमेशा से माहिर रहे हैं। इधर जल्द ही सोमवार तक पार्टी एक समिति का गठन करते हुए उसकी घोषणा भी कर सकती हैं पार्टी सूत्र बता रहे हैं। टिकट बदलाव से नाराज नरोत्तम मिश्रा से भाजपा के शीर्ष नेताओं ने बात करने की कोशिशें तो की है लेकिन फिलहाल नरोत्तम मिश्रा उक्त मामले में कोई भी बात करने से बच रहे हैं।
तो क्या राजनीतिक वनवास अब संन्यास साबित हो जाएगा

जिस तरह से पार्टी के शीर्ष नेताओं ने राज्यसभा से लेकर अब दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा को दरकिनार किया हैं। उसे लेकर अब पार्टी के ही सूत्र बता रहे है कि अब नरोत्तम मिश्रा के राजनीतिक वनवास को भाजपा ज्यादा स्थिति बिगड़ने पर नरोत्तम मिश्रा के राजनीतिक संन्यास की स्थिति में भी तब्दील करने में लग गए हैं।