Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
Haryana Weather Update: हरियाणा में 38 साल बाद सबसे गर्म रात; भिवानी में न्यूनतम पारा 36.6°C, जानें ... Rewari ACB Raid: रेवाड़ी में होमगार्ड कमांडेंट ₹50,000 की घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार; ड्यूटी जॉइन कर... Haryana Higher Education: हरियाणा उच्च शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला; कॉलेज-यूनिवर्सिटी निरीक्षण कमेटी ... India's First Hydrogen Train: जींद प्लांट में तकनीकी खराबी; ट्रायल के लिए पुणे-चेन्नई से मंगाने पड़ ... Haryana Weather Alert: हरियाणा में गर्मी का डबल अटैक; भिवानी में रात का पारा 36.6°C पहुंचा, 27 मई तक... UAE Delivery Boy Jobs: दुबई की मशहूर कंपनी Noon में डिलीवरी राइडर्स की बंपर भर्ती; मिलेगी ₹1 लाख तक ... Hansi Crime News: हांसी के कुंभा गांव में कलयुगी पोते का खूनी खेल; नशे में धुत्त होकर 80 वर्षीय दादा... Andhra Pradesh Police Dog: चलती ट्रेन की भीड़ में 'रुद्र' का कमाल; पहली ही ड्यूटी में पकड़ाया केरल क... India vs Pakistan AC Price: पाकिस्तान में कितने का मिलता है 1.5 टन का AC? कीमत सुनकर उड़ जाएंगे भारत... Petrol Diesel Price Today: आज शुक्रवार को शांत हैं पेट्रोल-डीजल के दाम; जानें कंपनियों के घाटे से कब...

MP Transport Scheme: मप्र में शुरू होगी ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना’; 1,164 मार्गों पर दौड़ेंगी 5,206 सरकारी बसें

2

भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में परिवहन विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य के नागरिकों के हित में कई बड़े फैसले लिए हैं। सीएम ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण और उपनगरीय क्षेत्रों में नागरिकों को सुरक्षित और संस्थागत लोक परिवहन की सुदृढ़ सुविधा उपलब्ध कराने के लिये ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना’ को शीघ्र अति शीघ्र प्रारंभ किया जाए। इस महत्वपूर्ण बैठक में परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आमजन के लिए सुरक्षित, सुगम, आधुनिक और सुलभ परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना हमारी सरकार का प्राथमिक दायित्व है। इसके लिए उन्होंने ‘राहवीर योजना’ का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने और परिवहन विभाग में रिक्त मानव संसाधनों की कमी को विशेष अभियान चलाकर तुरंत पूरा करने के आदेश दिए।

🏥 एम्बुलेंस सेवाओं के लिए बनेगा एक ‘एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म’: एक्सीडेंट स्पॉट पर 30 मिनट से भी कम समय में पहुंचेगी डॉक्टरी मदद

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सड़क हादसों में होने वाली मौतों को रोकने के लिए एक बेहद मानवीय और संवेदनशील निर्देश जारी किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्यीय मार्गों पर सर्वाधिक दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (Black Spots) की वैज्ञानिक मैपिंग कराई जाए, जिससे जरूरतमंदों को जल्द से जल्द आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं मुहैया कराई जा सकें। सीएम ने निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों (जैसे स्वास्थ्य विभाग, हाईवे अथॉरिटी, पुलिस और प्राइवेट सेक्टर्स) द्वारा वर्तमान में दी जा रही सभी एम्बुलेंस सेवाओं को तकनीक के जरिए एक सिंगल प्लेटफॉर्म पर लाया जाए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि दुर्घटना होने पर एम्बुलेंस ‘ऑटो मोड’ में (जो एक्सीडेंट स्पॉट से सबसे निकटतम होगी) सक्रिय होकर जरूरतमंद मरीज तक 30 मिनट से भी कम समय में पहुंच जाएगी।

🥇 पीएम-राहत और राहवीर योजना के सफल क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश देश में नंबर वन: सुप्रीम कोर्ट कमेटी ने भी की सराहना

समीक्षा बैठक के दौरान परिवहन विभाग के सचिव मनीष सिंह ने प्रजेंटेशन देते हुए एक बड़ी उपलब्धि की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा क्रियान्वित ‘पीएम-राहत योजना’ एवं ‘राहवीर योजना’ के बेहतर क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश इस समय पूरे देश में पहले स्थान पर काबिज है। पीएम-राहत योजना के तहत राज्य के सभी 55 जिलों में जिला नोडल अधिकारियों को ऑनलाइन ऑनबोर्ड किया जा चुका है और कुल 2,298 प्रकरणों में से 1,692 मामलों को तत्काल मंजूरी दे दी गई है। वहीं राहवीर योजना में मिले कुल 109 आवेदनों में से 49 प्रकरण मंजूर किए जा चुके हैं, जिसमें बालाघाट जिले ने पूरे सूबे में सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

📜 ‘म.प्र. राज्य सड़क सुरक्षा सचिवालय’ का होगा गठन: परिवहन विभाग ने कमाया रिकॉर्ड 4,911 करोड़ का राजस्व

बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में मध्य प्रदेश में आयोजित हुई ‘सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी’ (SCCoRS) की उच्च स्तरीय बैठक में कमेटी के अध्यक्ष एवं माननीय सदस्यों द्वारा राज्य सरकार की इन जनहितैषी पहलों की मुक्तकंठ से सराहना की गई है। इसी सुप्रीम कोर्ट कमेटी की अहम अनुशंसा पर प्रदेश में सड़क सुरक्षा को स्थाई रूप से सुनिश्चित करने के लिए एक पृथक और समर्पित ‘म.प्र. राज्य सड़क सुरक्षा सचिवालय’ का गठन किया जा रहा है।

इसके साथ ही वित्तीय प्रगति का ब्यौरा देते हुए बताया गया कि वित्त वर्ष 2025-26 में विभाग को दिए गए 4,400 करोड़ रुपये के राजस्व लक्ष्य के विरूद्ध कुल 4,911.78 करोड़ रुपये की शानदार राजस्व आय अर्जित की गई, जो कि तय लक्ष्य का 111.6 प्रतिशत है। वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विभाग ने करीब 5,721 करोड़ रुपये राजस्व आय का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। नागरिकों की सुविधा के लिए वर्तमान में 51 प्रकार की फेसलेस (Faceless) ऑनलाइन सेवाएं दी जा रही हैं, जिससे बिचौलियों का अंत हुआ है।

🚌 पहले चरण में 1,164 मार्गों पर दौड़ेंगी 5,206 सरकारी बसें: सभी बसों का रंग होगा एक जैसा, ITMS से होगी लाइव मॉनिटरिंग

‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना’ की विस्तृत समीक्षा करते हुए परिवहन सचिव मनीष सिंह ने बताया कि योजना को धरातल पर उतारने के लिए विभागीय स्तर पर प्रक्रियागत काम युद्धस्तर पर जारी है। यह मेगा ट्रांसपोर्ट योजना कुल दो चरणों में संचालित की जाएगी, जिसके लिए पूरे मध्य प्रदेश को 7 प्रमुख क्षेत्रीय क्लस्टर्स में विभाजित किया गया है, जो क्रमशः इंदौर, उज्जैन, भोपाल (नर्मदापुरम सहित), जबलपुर, सागर, ग्वालियर (चंबल सहित) एवं रीवा (शहडोल सहित) हैं।

योजना के पहले चरण में चलाए जाने वाली बसों के लिए इन क्षेत्रीय मुख्यालयों से उपनगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों तक विस्तारित मार्गों की आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। इसके तहत अगले दो वर्षों के भीतर प्रदेश के कुल 1,164 चिह्नित रूटों पर लगभग 5,206 आधुनिक बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इन सभी बसों की यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से सुचारू ट्रैकिंग और लाइव मॉनिटरिंग के लिए एक अत्याधुनिक ‘इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट मैंनेजमेंट सिस्टम’ (ITMS) स्थापित किया जा रहा है।

📊 जानिए किस क्षेत्र को मिलेंगी कितनी बसें: क्षेत्रीय एकरूपता के लिए सभी बसों की थीम होगी एक समान

परिवहन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक रूट चार्ट और बसों के आवंटन का क्षेत्रीय ब्यौरा इस प्रकार तय किया गया है:

क्षेत्रीय क्लस्टर (क्षेत्र) कुल चिह्नित मार्ग (रूट) संचालित होने वाली कुल बसें
इंदौर क्षेत्र 121 मार्ग 608 बसें
उज्जयिनी (उज्जैन) क्षेत्र 120 मार्ग 371 बसें
भोपाल क्षेत्र (नर्मदापुरम सहित) 104 मार्ग 398 बसें
जबलपुर क्षेत्र 83 मार्ग 309 बसें
सागर क्षेत्र 92 मार्ग 344 बसें
ग्वालियर क्षेत्र (चंबल सहित) 65 मार्ग 298 बसें
रीवा क्षेत्र (शहडोल सहित) 35 मार्ग 184 बसें

सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में एक विशिष्ट पहचान और ब्रांड वैल्यू स्थापित करने के उद्देश्य से सरकार ने यह भी तय किया है कि इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत चलाई जाने वाली सभी 5,206 बसों का बाहरी रंग और डिजाइन बिल्कुल एक जैसा (यूनिफॉर्म थीम) रखा जाएगा, ताकि पूरे प्रदेश के यात्रियों में सुरक्षा और शासकीय सेवा की एकरूपता का भाव बना रहे।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!