Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE विश्व पर्यावरण दिवस, हवा में उड़ गया देश का पहला ऑक्सीजन पार्क,धरी रह गई सभी तैयारियां,कनाडिया... INDORE जल संरक्षण,नगर निगम महापौर सहित जिम्मेदार वर्षाजल को बचाने की कर रहे प्लानिंग,इवेंट,वहीं दूसर... दूषित पेयजल!,भाजपा कांग्रेस की जारी जुबानी जंग,जनता कंफ्यूज,जल संरक्षण को लेकर वार्ड की रैंकिंग!लेकि... INDORE कांग्रेस में कलेश, हाइड्रेंट पर चिंटू चौकसे का कब्ज़ा! बदनाम हो रही भाजपा,कांग्रेसी पार्षद के... Pune Liquor Tragedy: जहरीली शराब कांड में मौतों का आंकड़ा 18 पहुंचा; CID जांच शुरू, 8 पुलिसकर्मी निल... Weather Forecast: दिल्ली-NCR और UP-बिहार में बारिश-आंधी का अलर्ट; IMD ने जारी की भारी बारिश की चेताव... INDORE पानी के लेकर बवाल,शहरवासी चिंतित किसका करें यकीन किसका नहीं! पटवारी के आरोपों के बाद मेयर का ... Khajrana Ganesh Mandir Indore: खजराना गणेश मंदिर का बदलेगा स्वरूप; मास्टर प्लान के तहत शुरू हुआ निर्... Indore Air Quality News: स्वच्छता में नंबर-1, लेकिन हवा में फेल; इंदौर में बढ़ता प्रदूषण बढ़ा रहा स्वा... MP Weather Update: नौतपा में मौसम का बड़ा यू-टर्न; भारी बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट, गिरेगा पा...

Ambala Shaheed Smarak: अंबाला में बना एशिया का सबसे बड़ा शहीदी स्मारक; मुआयना करने पहुंचेंगे CM नायब सिंह सैनी

9

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वीरवार को अंबाला कैंट में बने एशिया के सबसे बड़े भव्य शहीदी स्मारक का बारबाडोस अवलोकन करने जाएंगे। अंबाला छावनी से सातवीं बार के लोकप्रिय विधायक और हरियाणा सरकार में ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज के सार्थक एवं भगीरथ प्रयासों से केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के शासनकाल में जिस ऐतिहासिक परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, उस शहीद स्मारक स्थल पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी काफी समय बिताएंगे। वर्तमान में इस भव्य स्मारक का निर्माण कार्य अपने अंतिम और निर्णायक चरण में है। अंबाला छावनी में वर्ष 1857 की क्रांति में देश के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर शहीदों को नमन करने हेतु इस विशाल संरचना का निर्माण किया गया है। राजनैतिक गलियारों में प्रबल संभावना जताई जा रही है कि बहुत जल्द ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका भव्य उद्घाटन करेंगे।

🪷 22 एकड़ भूमि पर 63 मीटर ऊंचा कमल के आकार का मेमोरियल टॉवर: लाइट एंड साउंड शो के साथ दिखेगा डिजिटल इतिहास

उल्लेखनीय है कि अंबाला छावनी में सन 1857 में आजादी की पहली लड़ाई के वीर नायकों की पावन याद में इस शहीदी स्मारक का निर्माण लगभग 22 एकड़ की विशाल भूमि पर ₹700 करोड़ से अधिक की लागत से किया गया है। यह स्मारक अब पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है, जिसमें इस ऐतिहासिक क्रांति से संबंधित संपूर्ण गौरवशाली इतिहास को विभिन्न अत्याधुनिक डिजिटल माध्यमों से प्रदर्शित किया जाएगा। इस शहीदी स्मारक का मुख्य आकर्षण केंद्र 63 मीटर (लगभग 150 फीट) ऊंचा कमल के आकार का भव्य मेमोरियल टॉवर है, जिस पर रात्रि के समय देश की अनकही कहानियों को समेटे ‘लाइट एंड साउंड शो’ प्रदर्शित किया जाएगा। मेमोरियल टॉवर के ठीक सामने दो हजार से अधिक लोगों के बैठने के लिए एक विशाल और भव्य दर्शक दीर्घा (एमपीथिएटर) का निर्माण भी किया गया है।

⚔️ अंबाला की पावन धरती से सुलग उठी थी अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ पहली चिंगारी: राव तुलाराम और राजा नाहर सिंह को नमन

हरियाणा के ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज ने इस संबंध में गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि, “हरियाणा की वीर भूमि अंबाला छावनी में बन रहा ‘आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक’ हमारी आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति, अटूट बलिदान और राष्ट्रभक्ति की सच्ची प्रेरणा देगा।” इतिहास के पन्नों को पलटें तो यह दर्ज है कि 10 मई 1857 को भले ही मेरठ में क्रांति का बिगुल बजा, लेकिन उससे पहले ही अंबाला छावनी में अंग्रेजी दमनकारी शासन के खिलाफ भारतीय सैनिकों के भीतर विद्रोह की आग सुलग चुकी थी। रविवार, 10 मई 1857 को सुबह लगभग 9 बजे भारतीय रेजिमेंट 60वीं नेटिव इन्फैंट्री ने अंग्रेजों के खिलाफ खुला सशस्त्र विद्रोह कर दिया था। अंबाला, रोहतक, हिसार, झज्जर, रेवाड़ी, गुड़गांव और करनाल क्षेत्र में क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी सत्ता की चूलें हिला दी थीं। राव तुलाराम, झज्जर के नवाब अब्दुर्रहमान खान, बल्लभगढ़ के राजा नाहर सिंह जैसे अनेक वीरों ने अपने प्राणों की आहुति देकर इस आंदोलन को जीवित रखा था।

🎨 कैबिनेट मंत्री अनिल विज का ड्रीम प्रोजेक्ट बना राष्ट्रीय पहचान: सैनिकों की वर्दियां, दुर्लभ दस्तावेज और डिजिटल गैलरी होंगी मुख्य आकर्षण

अंबाला छावनी से सातवीं बार विधायक और हरियाणा सरकार में लगातार तीसरी बार कैबिनेट मंत्री बने अनिल विज लंबे समय से इस भव्य परियोजना को साकार करने में दिन-रात जुटे हुए थे। उनके अथक प्रयासों के चलते उनका यह ड्रीम प्रोजेक्ट अब धरातल पर मूर्त रूप ले चुका है। विज ने बताया कि स्मारक के भीतर संग्रहालय को इस प्रकार अत्याधुनिक तकनीक (Digital Gallery) से विकसित किया जा रहा है कि यहाँ आने वाले लोग स्वयं को 1857 के उस ऐतिहासिक दौर में महसूस करेंगे। इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के संग्रहालय में तत्कालीन वीर सैनिकों की वर्दियां, उनके द्वारा प्रयुक्त हथियार, ऐतिहासिक युद्ध सामग्री और क्रांति से जुड़े दुर्लभ हस्तलिखित दस्तावेज प्रदर्शित किए जाएंगे।

🏛️ दो मंजिला डिजिटल संग्रहालय, ओपन एयर थिएटर और 700 शहीदों के नामों वाली भव्य शहीदी वॉल (Shaheedi Wall)

“आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक” देश के सबसे आधुनिक और भव्य युद्ध स्मारकों की सूची में शामिल होने जा रहा है। पर्यटकों और शोधकर्ताओं की सुविधा के लिए यहाँ कई विशेष आकर्षण केंद्र बनाए गए हैं:

  • 🏢 इंटरप्रीटेशन सेंटर: इसमें वीआईपी रूम, भव्य रिसेप्शन, कॉन्फ्रेंस हॉल, डाइनिंग हॉल, कांफ्रेंस रूम और बच्चों के लिए विशेष प्ले-ज़ोन बनाया गया है।

  • 🖼️ दो मंजिला डिजिटल संग्रहालय: इसमें आधुनिक म्यूजियम गैलरी और ऑडियो-विजुअल हॉल शामिल हैं। यहाँ की भव्य ‘शहीदी वॉल’ पर 1857 की क्रांति के लगभग 700 शहीद भारतीय सैनिकों के नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित किए जा रहे हैं।

  • 🎭 विशाल ओपन एयर थिएटर: करीब 2500 लोगों की क्षमता वाले इस थिएटर में रोजाना देशभक्ति नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रम और वॉटर स्क्रीन पर लाइट एंड साउंड शो आयोजित किए जाएंगे।

  • 📚 ई-लाइब्रेरी और ऑडिटोरियम: विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित दुर्लभ ऐतिहासिक दस्तावेजों को डिजिटल रूप में सहेजने के लिए ई-लाइब्रेरी (E-Library) और एक बड़ा ऑडिटोरियम भवन तैयार किया गया है।

🚁 डबल बेसमेंट अंडरग्राउंड पार्किंग से लेकर वीवीआईपी हेलीपैड तक: पर्यटन और ऐतिहासिक शोध का वैश्विक केंद्र बनेगा अंबाला

इस स्मारक को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करते हुए पर्यटकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। परिसर के नीचे एक विशाल डबल बेसमेंट अंडरग्राउंड पार्किंग बनाई गई है, जहां एक समय में 400 कारें और 20 बड़ी बसें आसानी से पार्क की जा सकेंगी। इसके अतिरिक्त, सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था के लिए परिसर के भीतर ही सूचना केंद्र, हाई-टेक टिकट काउंटर, सिक्योरिटी रूम और वीवीआईपी (VVIP) मूवमेंट के लिए आधुनिक हेलीपैड की सुविधा भी विकसित की गई है। इतिहासकारों और पर्यटन विशेषज्ञों का सर्वसम्मत मानना है कि यह डिजिटल स्मारक भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के नक्शे पर चमकेगा। यह न केवल हरियाणा के स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास को वैश्विक पहचान दिलाएगा, बल्कि देश के युवाओं के भीतर राष्ट्रवाद की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने का कार्य करेगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!