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Mysuru Mirror Wall: मैसूर में खुले में पेशाब करने वालों की अब खैर नहीं; सड़कों पर लगी ‘शीशे वाली दीवार’ सिखाएगी सबक

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Mysuru LED mirror wall: कर्नाटक के मैसूरु शहर में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने एक अनोखी पहल की है. पब्लिक प्लेस पर पेशाब करने से रोकने के लिए मैसूरु प्रशासन ने शहर में बस स्टैंड के पास एक खास तरह की शीशे की दीवार लगाई है, जिसमें एलईडी लाइटें भी लगाई गई हैं. इस पहल का मकसद लोगों को उनकी खुद का चेहरा दिखाकर उन्हें असहज महसूस कराना है, ताकि वे ऐसा न करें.

शहर के कई सार्वजनिक स्थानों, खासकर बस स्टैंड और आसपास के इलाकों में खुले में पेशाब करने की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी. इससे न केवल गंदगी फैलती थी, बल्कि आसपास के लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ता था. इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने पारंपरिक तरीकों के बजाय एक अलग तरीका अपनाया.

शीशे की दीवार की क्या है खासियत?

प्रशासन की ओर से लगाई गई इस शीशे की दीवार की खासियत यह है कि जैसे ही कोई व्यक्ति दीवार के पास आता है, उसे अपना ही चेहरा नजर आने लगता है. अधिकारियों का कहना है कि मनोवैज्ञानिक तौर पर माना जाता है कि जब कोई व्यक्ति खुद को इस स्थिति में देखता है, तो वह असहज महसूस करता है और इस तरह की हरकत करने से बचता है. इसी सोच के तहत इस अनोखे प्रयोग को लागू किया गया है.

इसके अलावा दीवार में एलईडी लाइटें भी लगाई गई हैं, जिससे रात के समय भी यह प्रभावी बनी रहती है. रोशनी के कारण यह दीवार दूर से ही नजर आ जाती है. इससे न सिर्फ स्वच्छता बनी रहती है, बल्कि इलाके की खूबसूरती भी बढ़ती है.

पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि यह एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है. यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो शहर के अन्य स्थानों पर भी इस तरह की व्यवस्था की जा सकती है. अधिकारियों का मानना है कि केवल जुर्माना या चेतावनी से इस समस्या का समाधान पूरी तरह संभव नहीं है, इसलिए लोगों के व्यवहार में बदलाव लाने के लिए इस तरह की कोशिश करनी जरूरी हैं.

इस पहल को लेकर स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया भी सकारात्मक देखने को मिल रही है. कई लोगों का कहना है कि यह तरीका न केवल प्रभावी है, बल्कि शहर को साफ-सुथरा बनाए रखने की दिशा में एक सराहनीय कदम भी है. वहीं कुछ लोग इसे एक क्रिएटिव और आधुनिक सोच का उदाहरण मान रहे हैं.

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