Kuno National Park: कूनो से निकले चीते की गजब भूख! 600 KM के सफर में एक दर्जन से ज्यादा जानवरों का किया शिकार
श्योपुर : मध्य प्रदेश के श्योपुर में स्थित कूनो नेशनल पार्क का एक चीता इन दिनों अपने शिकार के लिए चर्चा में है. कूनो से निकलकर राजस्थान के बारां जिले में पहुंचा चीता KP-3 पिछले 2 महीने से लगातार रिहायशी इलाके और जंगलों में विचरण कर रहा है. इस दौरान इस चीते ने राजस्थान के बारां जिले की कई वन रेंज मिलाकर करीब 600 किलोमीटर की अधिक दूरी तय की है. मध्यप्रदेश राजस्थान बॉर्डर पर चीता लगातार अलग-अलग क्षेत्रों में मूवमेंट करता रहा है और अपनी भूख मिटाने के लिए लगातार शिकार कर रहा है.
एमपी-राजस्थान का वन विभाग रख रहा नजर
कुछ दिनों पहले KP-3 चीता का कॉलर आईडी जीपीएस भीग जाने के कारण ट्रैकिंग टीम का सम्पर्क टूट गया था. उस समय यह चीता तिसाया क्षेत्र में आगे बढ़ रहा था. बाद में नया सिग्नल कोड मिलने के बाद लोकेशन ट्रेस की गई. इस दौरान चीता पार्वती नदी को पार कर किशनगंज क्षेत्र में पहुंच गया था. इसके बाद KP-3 चीता चार दिनों तक शेरगढ़ अभ्यारण्य में रहा. बारां वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक वर्तमान में चीते का मूवमेंट छीपा बड़ौद रेंज के धामनिया गांव के आसपास बना हुआ है, जिसकी निगरानी वन विभाग की टीम कर रही है.
एक दर्जन से अधिक जानवरों से मिटाई भूख
बीते दो महीने से बारां जिले में केएपी-3 ने रामगढ़, मेघपुरा, बांझ आमली,अन्ता,बारां,किशनगंज, छबड़ा, अटरू और छीपाबड़ौद सहित सात रेंज में भ्रमण किया. इस दौरान वह कई बार गांवों के नजदीक भी पहुंचा, जहां उसे देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ लग गई. एक मौके पर भीड़ से घिरने पर चीता आक्रामक भी हो गया, जिसके बाद वनकर्मियों ने लोगों को सुरक्षित हटाया. एक माह के दौरान चीते ने नीलगाय, बछड़ा, बकरी, खरगोश और जंगली सूअर,सहित करीब एक दर्जन से अधिक शिकार कर अपना पेट भरा.
केपी-3 से पहले केपी-2 भी राजस्थान में
केपी-3 के एमपी राजस्थान बॉर्डर में मूवमेंट के साथ कूनो के ही KP-2 चीते की मौजूदगी है. यहां बीते कई दिनों से रणथंभोर टाइगर रिजर्व की सीमा में केपी-2 का मूवमेंट है. चीता कूनो नेशनल पार्क की लक्ष्मण रेखा को लांघकर राजस्थान की माटी को अपना घर बनाने की कोशिश कर रहा है. राजस्थान के फलोदी रेंज में टाइगर के क्षेत्र में कूनो नेशनल पार्क का चीता KP-2 घूम रहा है. हालांकि, यह मूवमेंट खतरनाक भी है क्योंकि ये टाइगर का गढ़ है, ऐसे में रणथंबोर के बाघ चीते के लिए खतरा बन सकते हैं.
कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ (डिस्ट्रिक्ट फॉरेस्ट ऑफिसर) आर थिरुकुराल ने बताया, ” प्रोटोकॉल के अनुसार चीतों की लोकेशन तो हम दे नहीं सकते पर यह जरूर कहेंगे कि राजस्थान में पिछले कई दिनों से घूम रहे चीतों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग की टीम लगातार निगरानी बनाए हुए हैं. राजस्थान वन विभाग की टीमें भी चीतों की निगरानी में मदद कर रही हैं.”
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