कवर्धा में ‘बायसन’ के अस्तित्व पर खतरा! 6 महीने में पांचवें बायसन की मौत, वन विभाग की मुस्तैदी पर उठे गंभीर सवाल
कवर्धा: कबीरधाम जिले में एक बार फिर वन्यजीव सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं. घायल बायसन ने शनिवार देर शाम दम तोड़ दिया.डॉक्टरों के अनुसार उसकी मौत चोट से हुए गंभीर संक्रमण के कारण हुई. रविवार को वन मंडल अधिकारी निखिल अग्रवाल की मौजूदगी में बदौरा जंगल में बायसन का पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार किया गया.
शिकारियों के तीर से घायल हुआ था बायसन
18 मार्च को एक नर बायसन पानी की तलाश में रिहायशी इलाके में पहुंच गया था, जहां कुछ शिकारियों ने उस पर तीर से हमला कर शिकार करने की कोशिश की. गंभीर रूप से घायल बायसन आसपास के क्षेत्रों में भटकता रहा. सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने उसका रेस्क्यू किया और जंगल सफारी के साथ बिलासपुर से वन्यजीव विशेषज्ञों को बुलाकर इलाज शुरू कराया. जांच में सामने आया कि बायसन को चार तीर लगे थे.
उपचार के बावजूद बायसन पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो पाया. बाद में स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान पता चला कि उसके पैर में तीर का एक टुकड़ा अंदर ही फंसा रह गया था, जिसे एक सप्ताह बाद ऑपरेशन कर निकाला गया. हालांकि तब तक संक्रमण काफी बढ़ चुका था. इलाज के बाद उसे वापस जंगल में छोड़ दिया गया, लेकिन हालत लगातार बिगड़ती गई. संक्रमण के कारण वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गया और भोजन-पानी भी छोड़ दिया. गुरुवार को वन विभाग की टीम ने दोबारा इलाज की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी थी. अंततः शनिवार देर शाम बायसन ने दम तोड़ दिया.
वन विभाग पर सवाल
कबीरधाम जिले में पिछले 6 महीनों में 5 बायसन और 1 तेंदुए समेत कई वन्यजीवों की मौत हो चुकी है. लगातार हो रही इन घटनाओं से वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.
अधिकारी का बयान
वन मंडल अधिकारी निखिल अग्रवाल ने बताया कि घायल बायसन का लगातार इलाज और निगरानी की जा रही थी, लेकिन शरीर में संक्रमण बढ़ने और कमजोरी के कारण उसने भोजन छोड़ दिया था. एक सप्ताह तक उसकी निगरानी की गई, बावजूद इसके शनिवार को उसकी मौत हो गई. पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया है.
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