Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE नगर निगम मार्केट विभाग की उदासीनता,खतरे में आमजनता की जान,मेयर का कहना PRJ OOH हो या सुपीरियर... INDORE नशे के खिलाफ एकजुट पूरा शहर,इंदौरी,क्रिकेटर,पूरे पुलिस विभाग ने नशे के खिलाफ लगाई दौड़। INDORE हवा में ही उड़ा ऑक्सीजन पार्क,अब एक पेड़ मां के नाम,नगर निगम की बजट खुटाओ योजना जारी,निगमायुक... INDORE न्यूज़ WITH तड़का डॉट कॉम की ख़बर का असर,टूटेगा दौलतगंज का अवैध निर्माण! महापौर सख़्त, किसी भी... INDORE कनाडिया पुलिस के हाथों लगा, अवैध शराब तस्कर गिरोह,पूछताछ में इंदौरी शराब ठेकेदार की खुल सकती ... INDORE 23 सालों का इंतजार हुआ ख़त्म,निगम अधिकारियों को महापौर ने दी सौगात,अधिकारियों ने कहा उन्हें उ... INDORE जिम्मेदार दौरे, निरीक्षण,मीटिंगों में व्यस्त, शहर को बनाया अंधेरनगरी,साबित हो रहे चौपट राजा,ज... INDORE पुलिस का नशा मुक्ति अभियान बना जनजागरूकता का विषय, सड़कों से घरों तक नशे के दुष्परिणामों पर ह... INDORE आईडीए में जनसुनवाई की शुरुआत के बाद सीईओ का एक और नया नवाचार,तीन दिवसीय शिविर में सैकड़ों भूख... INDORE पुलिस आयुक्त ने 7 बदमाशों को किया तीन महीनों के लिए तड़ीपार,3 लिस्टेड भरेंगे थानों में हाजरी।

School Books News: निजी स्कूलों में महंगी किताबों का दबाव! सरकार ने राज्यों को भेजा नोटिस, जानें क्या हैं नए निर्देश

17

देश के अलग-अलग हिस्सों से अभिभावकों की तरफ से शिकायत की गई. शिकायत में ये कहा गया है कि प्राइवेट स्कूल उनपर प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबें खरीदने का दबाव डाल रहे हैं. ऐसे में अभिभावकों की तरफ से लगाए गए आरोप के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की तरफ से एक बड़ा फैसला लिया गया है. इस मामले में प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया है. यह कार्यवाही नमो फाउंडेशन द्वारा प्रस्तुत शिकायत के आधार पर की गई है.

आयोग ने राज्य सरकारों को राष्ट्रीय स्कूल बैग नीति तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 29 के अनुपालन में जरूरी कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा आयोग ने SCERT की तरफ से प्रकाशित पुस्तकों की संख्या तथा निजी एवं सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात संबंधी आंकड़े भी मांगे हैं.

‘एकेडमिक भेदभाव किया जा रहा’

आयोग ने यह भी उल्लेख किया है कि जब सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को SCERT/NCERT की पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं, तो निजी स्कूलों में शुल्क के आधार पर इसी व्यवस्था को लागू करने में क्या बाधा है. आयोग के अनुसार, स्कूलों के प्राइवेटऔर सरकारी प्रबंधन के आधार पर पाठ्यपुस्तकों एवं पाठ्यक्रम में अंतर करना अकादमिक भेदभाव की श्रेणी में आता है.

इसके साथ ही, शिक्षा मंत्रालय को भी नोटिस जारी कर यह स्पष्टीकरण मांगा गया है कि कक्षा 8 तक परीक्षा बोर्डों द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम, नामित अकादमिक प्राधिकरण से भिन्न क्यों है. आयोग के मुताबिक, स्कूलों के प्राइवेट और सरकारी प्रबंधन के आधार पर पाठ्यपुस्तकों एवं पाठ्यक्रम में अंतर करना अकादमिक भेदभाव की श्रेणी में आता है.

इसके साथ ही, शिक्षा मंत्रालय को भी नोटिस जारी कर यह स्पष्टीकरण मांगा गया है कि कक्षा 8 तक परीक्षा बोर्डों द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम, नामित अकादमिक प्राधिकरण से अलग क्यों है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!