Strait of Hormuz: होर्मुज में फंसे जहाजों से बिटकॉइन में वसूली! ईरान के IRGC पर ‘डिजिटल डकैती’ का आरोप; जानें क्या है पूरा मामला
पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही लगभग ठप पड़ गई है. दुनिया का करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल और एलएनजी (LNG) इसी समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है. अब इस वैश्विक संकट का फायदा उठाने के लिए साइबर ठग भी मैदान में उतर आए हैं. समुद्र के बीचों-बीच फंसे जहाजों की शिपिंग कंपनियों को सुरक्षित रास्ता देने का झांसा देकर उनसे क्रिप्टोकरेंसी में मोटी रकम ऐंठने की कोशिश की जा रही है.
अधिकारियों के भेष में शातिर जालसाज
ग्रीस की समुद्री जोखिम आकलन फर्म ‘मैरिस्क’ (MARISKS) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अज्ञात ठग खुद को ईरानी अधिकारी बताकर शिपिंग कंपनियों से संपर्क साध रहे हैं. ये जालसाज कंपनियों को मैसेज भेजकर उनके जहाजों के दस्तावेज जांच के लिए मांग रहे हैं. इसके बाद, सुरक्षित और बिना रोकटोक के यह जलडमरूमध्य पार कराने के एवज में बिटकॉइन (Bitcoin) या टीथर (Tether) जैसी क्रिप्टोकरेंसी में भारी ‘ट्रांजिट फीस’ की मांग की जा रही है. मैरिस्क ने शिप मालिकों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि ये मैसेज ईरानी प्रशासन की ओर से नहीं भेजे गए हैं और यह पूरी तरह से एक बड़ा स्कैम है.
क्रिप्टो के जरिए होने वाले अपराधों का ग्राफ पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ रहा है. ‘डेफीलामा’ के आंकड़ों के अनुसार, केवल अप्रैल 2026 में ही हैकिंग और साइबर ठगी के जरिए 606 मिलियन डॉलर (करीब 5,000 करोड़ रुपये) से ज्यादा का नुकसान दर्ज किया जा चुका है.
एक गलती और जहाज पर अंधाधुंध फायरिंग
रॉयटर्स के हवाले से मैरिस्क ने यह आशंका जताई है कि कुछ जहाजों ने इन फर्जी निर्देशों पर भरोसा कर के अपनी जान जोखिम में डाल ली है. 18 अप्रैल को जब ईरान ने जांच की शर्तों के साथ कुछ समय के लिए इस समुद्री रास्ते को खोला था, तब कम से कम दो जहाजों पर ईरानी गश्ती नौकाओं ने फायरिंग कर दी. मजबूरन उन्हें अपना रास्ता बदलना पड़ा. मैरिस्क का मानना है कि इनमें से एक जहाज इसी क्रिप्टो धोखाधड़ी का शिकार होकर आगे बढ़ा था.
इस बीच, एलएसईजी (LSEG) के डेटा के अनुसार वीकेंड पर करीब 20 जहाज वहां से सुरक्षित गुजरे, लेकिन नए हमलों के बाद ट्रैफिक फिर से धीमा हो गया है. हालात तब और गंभीर हो गए जब ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने एक टैंकर पर गोलियां चलाईं और एक कंटेनर जहाज को भी प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया. भारत सरकार ने इस बात की पुष्टि की है कि ये दोनों ही जहाज भारतीय झंडे के तहत चल रहे थे. इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए नई दिल्ली ने तेहरान के सामने अपनी गंभीर चिंता जाहिर की है.
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