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Bharat Pratibha Samman: रांची की CA स्नेहा नारसरिया को ‘भारत प्रतिभा सम्मान’, बच्चों को दे रही हैं वित्तीय साक्षरता की ट्रेनिंग

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रांची: राजधानी रांची की बेटी चार्टर्ड अकाउंटेंट और ‘फिन फ्री किड’ की संस्थापक स्नेहा नारसरिया को प्रतिष्ठित भारत प्रतिभा सम्मान से नवाजा गया है. यह सम्मान उन्हें 19 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया. दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह और पद्म विभूषण से सम्मानित प्रसिद्ध नृत्यांगना सोनल मानसिंह ने संयुक्त रूप से उन्हें यह पुरस्कार देकर सम्मानित किया.

स्नेहा की इस उपलब्धि ने न सिर्फ रांची बल्कि पूरे झारखंड को गौरवान्वित किया है. स्नेहा नारसरिया को यह सम्मान बच्चों के बीच वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए किया गया है. यह सम्मान उनके नवाचारपूर्ण और प्रभावशाली प्रयासों के लिए दिया गया है. उनका काम खासतौर पर 4 वर्ष और उससे अधिक आयु के बच्चों को बेहद सरल, रोचक और व्यावहारिक तरीके से पैसों की समझ देना है. आज के समय में जहां वित्तीय शिक्षा को अक्सर बड़े होने के बाद ही जरूरी माना जाता है, वहीं स्नेहा ने इसे बचपन से ही जीवन का अहम हिस्सा बनाने की दिशा में उल्लेखनीय पहल की है.

‘फिन फ्री किड’ के माध्यम से बच्चों को सिखाए जा रहे हैं कौशल

उनकी पहल ‘फिन फ्री किड’ के माध्यम से बच्चों को कम उम्र में ही बजट बनाना, बचत करना और निवेश जैसे जरूरी जीवन कौशल सिखाए जा रहे हैं. यही वजह है कि उनका यह प्रयास न केवल झारखंड या भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना चुका है. उनके द्वारा विकसित की गई शैक्षणिक सामग्री जैसे वित्तीय साक्षरता पर आधारित पुस्तकें, फ्लैशकार्ड्स, DIY किट्स और ज्ञानवर्धक पोस्टर्स विदेशों में भी काफी लोकप्रिय हो रहे हैं और इनका निर्यात भी किया जा रहा है.

ईटीवी भारत से बातचीत में स्नेहा ने कहा कि यदि बच्चों को शुरुआत से ही पैसों की सही समझ दी जाए, तो वे भविष्य में आर्थिक रूप से अधिक जिम्मेदार और आत्मनिर्भर बन सकते हैं. इसी सोच के साथ उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है. उन्होंने कक्षा 6 से 10 तक के ICSE और CBSE पाठ्यक्रम के अनुरूप वित्तीय साक्षरता पर विशेष पुस्तकें तैयार की हैं, जो छात्रों को पाठ्यक्रम के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान भी प्रदान करती है.

देशव्यापी ओलंपियाड की करने जा रही है शुरुआत

इसके अलावा स्नेहा एक और बड़ी पहल की तैयारी में हैं. वे इंटरनेशनल फाइनेंस लिटरेसी ओलंपियाड (IFLO) के तहत कक्षा 3 से 9 तक के छात्रों के लिए देशव्यापी ओलंपियाड शुरू करने जा रही हैं. इस पहल का उद्देश्य बच्चों में शुरुआती स्तर से ही आर्थिक समझ विकसित करना और उन्हें वित्तीय रूप से जागरूक बनाना है. यह ओलंपियाड छात्रों को प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में सीखने का अवसर भी देगा.

स्नेहा नारसरिया ने कहा कि वित्तीय साक्षरता को केवल निजी स्कूलों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि सरकारी स्कूलों के बच्चों तक भी इसे पहुंचाना बेहद जरूरी है. उन्होंने बताया कि इस दिशा में राज्य सरकार के शिक्षा विभाग से अपील की गई है, ताकि झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) के अंतर्गत आने वाले सरकारी स्कूलों में भी इस विषय को लागू किया जा सके. उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे.

उनकी काम की शिक्षा मंत्री कर चुके हैं सराहना

स्नेहा के इस प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिल रही है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी उनके काम की सराहना करते हुए इसे देश के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया है. स्नेहा नारसरिया की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि अगर सोच नई हो और उद्देश्य स्पष्ट तो किसी भी क्षेत्र में बदलाव संभव है. उनके प्रयास न केवल बच्चों को आर्थिक रूप से जागरूक बना रहे हैं, बल्कि रांची और झारखंड को वैश्विक पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

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