Jabalpur News: जबलपुर सेंट्रल जेल में विचाराधीन कैदी ने की आत्महत्या, टॉयलेट में फंदे से लटका मिला शव; जेल प्रशासन में हड़कंप
जबलपुर : केंद्रीय जेल जबलपुर में एक विचाराधीन बंदी की संदिग्ध मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है. सोमवार सुबह यहां अस्पताल खंड में 60 वर्षीय विचाराधीन बंदी ने कथित तौर पर आत्महत्या कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली. बंदी का शव जेल के टॉयलेट में लटका मिला, जिसके बाद तुरंत ही वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित दी गई और शव को पीएम के लिए भिजवाते हुए, जेल बंदी के परिजनों को बुलाया गया है.
2 सालों से कोर्ट में चल रहा था मामला
मृतक बंदी की पहचान गुड्डू उर्फ राजा पिता गुलाब विश्वकर्मा के रूप में हुई है. बंटी संजीवनी नगर थाना क्षेत्र की साई कॉलोनी का निवासी था. गुड्डू को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं 140(1), 103, 238, 61(2) के तहत दर्ज अपराध क्रमांक 273/2024 के मामले में 16 अगस्त 2024 अर्थात दो साल पहले न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था. वर्तमान में बंदी का मामला जबलपुर की चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में विचाराधीन था.

टॉयलेट गया फिर नहीं लौटा गुड्डू
जेल सूत्रों के मुताबिक रविवार, 20 अप्रैल की सुबह लगभग आठ बजे गुड्डू जेल के अस्पताल खंड स्थित वार्ड क्रमांक-3 में था. इसी दौरान वह वार्ड के भीतर बने शौचालय में गया और आत्महत्या कर ली. काफी देर तक जब वह बाहर नहीं आया, तो जेल कर्मचारियों ने उसे तलाशा. शौचालय का दरवाजा खोलने पर उसका शव अंदर मिला, जिसे देख जेल प्रशासन के होश उड़ गए. घटना की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन सक्रिय हो गया. फिलहाल मौके पर जांच की प्रक्रिया जारी है और वरिष्ठ अधिकारियों को घटना के संबंध में सूचित कर दिया गया है. इस घटना ने एक बार फिर जेल की सुरक्षा व्यवस्था और कैदियों की मानसिक स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
जेलर बोले- शुगर और हैपेटाइटिस से परेशान था बंदी
जेलर मदन कमलेश ने जानकारी देते हुए बताया, ” आज सुबह बंदी गुड्डू उर्फ राज विश्वकर्मा ने अस्पताल के फर्स्ट फ्लोर में वॉशरूम में जा के आत्महत्या कर ली. बंदी काफी समय से शुगर और हैपेटाइटस बीमारी से पीड़ित था. सूचना मिलते ही अस्पताल के डॉक्टर को तुरंत बुलाया गया जहां उन्होंने चेक कर उसे मृत घोषित कर दिया. घटना की जानकारी मजिस्ट्रेट को दी गई, बंदी से मिलने उसके परिजन भी आते रहते थे. ऐसा प्रतीत होता है कि घर के निजी कारणों से परेशान हो कर बंदी ने यह कदम उठाया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.”
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