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Sheopur News: श्योपुर में कानफोड़ू DJ से लोग परेशान, खुलेआम टूट रहे नियम, घरों के हिल रहे सामान

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श्योपुर: तेज साउंड और बेस के साथ बजने वाले डीजे की आवाज लोगों को परेशान कर देती है. इतने तेज साउंड के चलते कई बार घरों के सामान हिलने लगते हैं, तो लोगों को बहुत परेशानी होती है. इसी डीजे साउंड की वजह से बीते फरवरी 2025 में दूल्हे की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी. हाईकोर्ट ने भी डीजे के तेज साउंड पर नाराजगी जताई थी. इसके बाद भी शहर में डीजे के साउंड को लेकर कोई सख्ती नहीं की गई है.

श्योपुर में 100-150 डेसिबल से बज रहे डीजे

कानफोडू डीजे साउंड की आवाज लोगों के घरों के साथ इंसानों के दिलों को भी हिलाने का काम कर रही है. 10 सेकेंड का म्यूजिक साउंड सुनकर चिढ़ और बेचैनी होने लगती है. सोचिए यही आवाज घंटों तक गूंजती रहे, तो इसका असर कितना घातक होगा. जब डीजे की आवाज से दीवारें कांप जाती है, तो मनुष्य का दिल कितना सहन कर पाएगा. हैरानी यह भी है कि प्रशासन को इसकी जानकारी है फिर भी इनकी अनदेखी की जा रही है.

यह मामला अब सामाजिक नहीं रहा बल्कि कानून के दरवाजे तक भी पहुंच गया है और हाई कोर्ट ने भी साफ तौर पर कहा है कि 75 डेसिबल से ज्यादा शोर खतरनाक है, लेकिन श्योपुर में 100 से 120 और 150 से अधिक डेसिबल पर इन कानफोड़ू और दिल को हिला देने वाले इन डीजे साउंड सिस्टम पर क्यों रोक नहीं लगा पा रहे है.

डॉक्टर बोले-तेज साउंड बुजुर्गों और बच्चों के लिए खतरा

डॉक्टर दिलीप सिंह सिकरवार ने बताया कि “डीजे की आवाज करीब 120 से 200 डेसिबल होती है. जबकि 60-70 डेसिबल से तेज आवाज कान के साथ-साथ हृदय रोगियों के लिए भी खतरनाक है. सबसे ज्यादा गहरा असर इसका बुजुर्गों और बच्चों पर पड़ता है. उनका हार्ट नाजुक होता है, वह इस क्षमता को सहन नहीं कर पाता है. इस तरह के डीजे साउंड सिस्टम पर प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए और लोगों की सेहत का ध्यान रखना चाहिए.”

रहवासी बोले-हिलने लगते हैं घर की खिड़कियों के कांच

श्योपुर निवासी ओम प्रकाश चौरसिया ने बताया कि “आजकल जो डीजे चल रहे हैं और बेस मशीन भी लगाई जा रही है, जिससे बहुत अधिक कंपन हो रहा है. लोग परेशान हैं. घरों की दीवार से लेकर सामान तक हिलने और गिरने लग जाता है. जब डीजे हमारे घरों के सामने से निकलता है तो कई बार कांच की खिड़कियां हिलने लग जाती है. बाजार में डीजे साउंड सिस्टम संचालकों का कंपटीशन बढ़ गया है.

डीजे संचालकों के साथ करेंगे बैठक

पहले भी कलेक्टर ने श्योपुर के NSUI के नेता की मौत के बाद इस पर नियम लागू किए थे और मानकों के अनुसार ही डीजे साउंड बजाने को लेकर प्रतिबंध किया था. सभी लोगों की मांग है कि डीजे तय मानकों के अनुसार चले.” इस संबंध में एसडीओपी राजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि “इस तरह का मामला है तो डीजे संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. डीजे संचालकों के साथ बैठक कर उनको सख्त निर्देश दिया जायेगा. निर्धारित मापदंडों के अनुसार डीजे बजाने को पूर्व में कहा गया था. अब अगर यह निर्धारित मापदंडों का ध्यान नहीं रख रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए डीजे साउंड सिस्टम जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी.”

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