Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE जिम्मेदार दौरे, निरीक्षण,मीटिंगों में व्यस्त, शहर को बनाया अंधेरनगरी,साबित हो रहे चौपट राजा,ज... INDORE पुलिस का नशा मुक्ति अभियान बना जनजागरूकता का विषय, सड़कों से घरों तक नशे के दुष्परिणामों पर ह... INDORE आईडीए में जनसुनवाई की शुरुआत के बाद सीईओ का एक और नया नवाचार,तीन दिवसीय शिविर में सैकड़ों भूख... INDORE पुलिस आयुक्त ने 7 बदमाशों को किया तीन महीनों के लिए तड़ीपार,3 लिस्टेड भरेंगे थानों में हाजरी। INDORE लापता खजराना अस्पताल,कलेक्टर की कब्ज़ा मुक्ति मुहिम का श्रीगणेश, प्रशासन- नगर निगम ने बेशकीमत... INDORE सरकारी जमीनों पर कब्जा बर्दाश्त नहीं,कलेक्टर के सभी विभागों को निर्देश, अतिक्रमणकारियों पर भी... INDORE लापता खजराना अस्पताल,धरातल पर खाली जमीन,अब कांग्रेसी नेता का दावा कांग्रेसी मुख्यमंत्री ने दी... INDORE नगर निगम मार्केट विभाग की अवैध विज्ञापनबाजों को खुली छूट! उल्लंघन करो और नाममात्र खानापूर्ति ... INDORE कनाडिया पुलिस के हत्थे चढ़ा ड्रग तस्करों का बड़ा नेटवर्क,16 लाख रुपए की एमडी ड्रग सहित कार बर... INDORE कनाडिया पुलिस पकड़े महंगे शौक के लिए मोबाइल झपटने वाले दो चोर,फिलहाल पूछताछ जारी खुलेंगे और क...

Satna Hospital News: सतना में किडनी चोरी का आरोप! ब्रेन ट्यूमर का होना था ऑपरेशन, मरीज के पेट में भी लगाया चीरा

23

सतना: मध्य प्रदेश के सतना में एक निजी अस्पताल में शुक्रवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया. जब ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित एक महिला के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजन ने अचानक हंगामा शुरू कर दिया. परिजन का आरोप है कि मरीज के ब्रेन ट्यूमर ऑपरेशन के बहाने पेट में चीरा लगाया गया और उसकी एक किडनी निकाल ली गई है.

ब्रेन ट्यूमर के ऑपरेशन में अन्य अंगों से छेड़छाड़ के आरोप

हंगामे के दौरान पीड़िता के परिवार वालों और अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई भी हुई. इस दौरान अस्पताल परिसर में स्थिति संभालने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा. जब स्थिति और बिगड़ने लगी तो अस्पताल प्रबंधन ने 2 चेक के जरिए 1.87 लाख रुपए परिजन को वापस कर दिए. यह राशि मरीज के परिजन ने ब्रेन ट्यूमर ऑपरेशन के लिए जमा कराई थी.

डॉक्टर ने दी ब्रेन ट्यूमर का ऑपरेशन कराने की सलाह

बिरसिंहपुर कस्बा निवासी जमुनिया बाई (50) को ब्रेन ट्यूमर की बीमारी के चलते शहर के एक निजी अस्पताल में 29 मार्च की सुबह परिजन ने भर्ती कराया था. अस्पताल में मौजूद न्यूरो सर्जन ने उनका इलाज किया. जिसके बाद डॉक्टर ने ब्रेन ट्यूमर का ऑपरेशन करने की सलाह दी. इसके बाद परिजन ऑपरेशन के लिए मान गए और फीस जमा करा दी.

मरीज को होश नहीं आने पर परिजनों ने काटा बवाल

1 अप्रैल को जमुनियाबाई साकेत के ब्रेन ट्यूमर का ऑपरेशन हुआ. ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने परिवार को बताया कि मरीज 24 से 48 घंटों के भीतर होश आ जाएगा. जिसके बाद परिवार वाले मरीज को लेकर घर लौट गए. लेकिन 24 से 48 घंटे के बीच महिला को होश नहीं आया. इस पर परिजन मरीज को लेकर वापस अस्पताल पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया. इस दौरान अस्पताल स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति बन गई.

पेट में चीरा लगाकर किडनी निकालने का आरोप

घंटों तक चले हंगामे के बाद मरीज के परिजन अस्पताल परिसर में धरने पर बैठे गए. धरना पर बैठे लोगों ने अस्पातल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि मरीज के ब्रेन का ऑपरेशन किया गया है. लेकिन पेट में भी चीरे के निशान हैं. इस दौरान अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि महिला की किडनी निकाल ली गई है.

निजी अस्पताल परिसर में घंटों तक जारी हंगामे के बाद अस्पताल प्रबंधन बैक फुट पर आया. जिसके बाद मरीज के परिजन और अस्पताल प्रबंधन के बीच बातचीत का दौर शुरू हुआ. हॉस्पिटल प्रबंधन ने महिला के बेटे को 2 चेक के जरिए जमा कराई गई राशि को वापस किया. जिसमें पहला चेक 1 लाख 29 हजार 500 रुपए और दूसरा चेक 57 हजार 850 रुपए का वापस दिया गया. जिसके बाद परिजन महिला को लेकर दूसरे अस्पताल चले गए.

हास्पिटल के जनसंपर्क अधिकारी हरीशंकर मिश्रा ने बताया, “असल में मरीज को ब्रेन ट्यूमर था, ये बात उसके परिजन को भी पता थी. डॉक्टर निशांत श्रीवास्तव ने मरीज के परिजन को बता दिया था कि उनके ब्रेन में ट्यूमर है अगर इसका ऑपरेशन नहीं कराया गया तो उनकी जान को खतरा है. जिसके बाद महिला का ऑपरेशन हुआ. परिवार का कहना है कि ऑपरेशन ब्रेन का हुआ है तो पेट को क्यों चीरा गया. आखिर में उनका पैसा वापस लौटा दिया गया है.”

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!