युद्ध और अफवाह,सरकार सरकारी महकमा चुस्त, व्यवसायिक उपयोग करने वालों की नाक में कर रखा दम,इधर हजारों किलोमीटर दूर भी दिख रहा असर, इंडेक्शन की बढ़ी ग्राहकी,इंदौरी व्यापारी भी हैरान।
युद्ध,और शहर में बढ़ती अफवाहें,सरकार,महकमा चुस्त लेकिन उससे भी ज्यादा आगे जनता,इंडेक्शन,इंफ्रा की बढ़ी ग्राहकी। व्यापारी भी हैरान महीने के पिस आधे एक दिन में हैं बिक रहे।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
दुनिया में क्या चल रहा यह किसी से छुपा नहीं हैं। तमाम चैनल दिनरात उसके नज़ारे आपको दिखा ही रहे हैं। लेकिन वहीं दूसरी तरफ इंदौर जो कि युद्ध स्थान से हज़ारों किलोमीटर दूर हैं। वहां भी युद्ध का खासा असर देखा जा रहा हैं। दरअसल एक तरफ जहां मध्यप्रदेश सरकार के मुखिया डॉक्टर मोहन यादव प्रदेश में युद्ध के चलते सतत निगाहें गढ़ाए हैं। दूसरी तरफ इंदौर में कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशों के बाद सरकारी अमले ने तमाम व्यवसायिक स्थानों पर घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग करने वालों की जान में दम कर रखा हैं। वहीं जनता अफवाहों और अटकलों के पहले ही कोविड के अनुभवों को देखते हुए सचेत हो गई हैं। इधर घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर सरकार से लेकर हर सरकारी नुमाइंदा कोई भी किसी भी तरह की किल्लत नहीं होने को लेकर पूरी तरह से मैदान में हैं। लेकिन फिर भी जनता कहां मानने वाली हैं।

दरअसल घरेलू गैस सिलेंडर की जारी अटकलों के बीच जनता ने अब विकल्प के तौर पर इंडक्शन और इंफ्रा की खरीदी में दिलचस्पी दिखाई है। जिसे देखकर अब खुद इंदौरी व्यापारी भी काफी ज्यादा चकित हैं।
महीने की बिक्री एक दिन में।
इंदौर बर्तन बाजार के अंबर बर्तन,एंड नाइस क्रॉकरी के ऑनर जितेंद्र रायनज ने बताया कि आमतौर पर युद्ध के पहले इंडेक्शन और इंफ्रा के ग्राहक महीने में कुल 15 लगभग होते थे। लेकिन अब बाजार में इंडेक्शन और इंफ्रा की मांग जमकर बढ़ गई हैं। एक दिन में 12 से 15 पिस की बिक्री हो रही हैं।
प्रशासनिक अमला हैं मुस्तैद।

इधर गैस सिलेंडर की अटकलों के बीच प्रशासनिक अमले की कमान संभाले कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशों के चलते व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर घरेलू गैस सिलेंडर के उपयोग के विरुद्ध अभियान छेड़ दिया है। लगभग यह कहना गलत नहीं होगा कि अमले ने एसो की नाक में दम कर रखा हैं।