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मामला गोयल रिसॉर्ट का,कॉलोनाइजर का खेल रातोरात सरकारी कागजों में बिल्डर गोयल के मुताबिक बहने लगा नाला,भूखंडधारकों के हजारों स्केयरफीट जमीन हुई गायब,सवाल ये आसमान खा गया या जमीन में समा गई,जिम्मेदारों के पास नही कोई जवाब।

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मामला गोयल रिसॉर्ट कॉलोनी का,
राजस्व अमले की घोर लापरवाही ,कॉलोनाइजर की सेटिंग रातोरात दूसरी दिशा में बहने लग गया नाला, मनमाना खेल,भूखंडधारक परेशान, कॉलोनाइजर के दांवपेंच, इधर प्लाटमालिकों के पांच पांच हजार स्केयर फीट जमीन गायब, आसमान खा गया, या खुद पाताल के समा गई, जिम्मेदारों के पास नही कोई जवाब,शहर के छोटे भूखंडों के खसरों में पटवारी,तहसीलदार की जादूगरी आ रही सामने,सैकड़ों भूखंड धारक हो रहे परेशान।

 

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर

इंदौर जिले के राजस्व अमले की लापरवाहियों जादूगरी के किस्से हमेशा आम रहे हैं। लेकिन अब इसी इंदौर जिले के राजस्व अमले की एक ऐसी घोर लापरवाही सामने आई हैं। जिसकी वजह से सैकड़ों छोटे भूखंड धारक राजस्व अमले को दिनरात कोस रहे हैं। क्योंकि कॉलोनाइजर तो उक्त कालोनियों में जादूगरी करवा लेते हैं। लेकिन इसका सीधा खामियाजा उन भूखंड धारकों को उठाना पड़ता हैं। जो राजस्व सरकारी अमले पर विश्वास करते हैं। लेकिन जमीनी तौर पर जब सच्चाई आती है तो ऐसे विश्वास करने वाले भूखंडधारक राजस्व अमले को कोसते नजर आ रहे हैं। क्योंकि कॉलोनाइजर से यही अमला सेटिंग कर लेता हैं। और कॉलोनिनाइजर के मुताबिक जो खेला करना होता है। उसे ले देकर अंजाम तक दिया जाता हैं। लेकिन इन सेटिंग के चलते भूखंडधारक खासे परेशान हो जाते हैं। क्योंकि आखिर नुकसान उनका ही होता हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें राजस्व अमले जिसमें पटवारी, तहसीलदार,सहित अन्य अमले की जुगल जोड़ी की वजह से भूखंडधारकों के पांच पांच हजार स्क्वायरफीट तक जमीन अपने आप गायब हो गई। अब ऐसे भूखंड धारक भी हैरान है कि उनकी इतनी ज्यादा जमीन आखिर गई कहां क्या आसमान खा गया या फिर वो इतनी जमीन पाताल में समा गई हैं।

यह है मामला

दरअसल निपानिया स्थित विवादित बिल्डर प्रेम गोयल,उनके भाइयों ने गोयल रिसॉर्ट नाम की एक कॉलोनी काटी थी। जिसे पहले तो फॉर्म हाउस के तौर पर काटा गया था। लेकिन सरकारी गाइड लाइन के मुताबिक उक्त कॉलोनी आवासीय कॉलोनी में तब्दील हो गई थी। इधर उक्त गोयल रिसॉर्ट कॉलोनी का नाला सभी भूखंडधारकों के लिए मुसीबत की वजह बना हुआ है क्योंकि बिल्डर प्रेम गोयल और उसके साथियों ने साठगांठ करते हुए उक्त नाले को ही नक्शे में फेरबदल कर दिया हैं। लेकिन अब यह कारस्तानी प्लाट धारकों की समस्या बन गई हैं। क्योंकि अब यही भूखंडधारकों के भूखंडों का पांच पांच हजार स्केयर फीट तक का हिस्सा आसमान में गायब हो गया है या फिर उसे जमीन निगल गई हैं। इधर पटवारी, तहसीलदार और एसडीएम से लेकर सभी जिम्मेदार अपने हाथ खींच रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ अब भूखंड धारक इस वजह से अधर में लटके हुए हैं।

SIR भी परेशानी की वजह

इसके अलावा पिछले डेढ़ साल से गोयल रिसॉर्ट के भूखंड धारक राजस्व से संबंधित कार्यों जैसे सीमांकन,नामांतरण,
ऑनलाइन तरमीम कटवाने के लिए चक्कर काट रहे हैं। क्योंकि उन्हें उसके बाद TNCP करवानी हैं। लेकिन राजस्व अमला कभी किसी ड्यूटी में तो कभी किसी ड्यूटी में लगा रहता हैं। लेकिन उनके पास उक्त कार्यों के लिए समय ही नहीं मिल रहा हैं।

बिल्डर का कहना मैने जितनी जमीन थी उतनी ही बेची,ये राजस्व अमले की है भूल।

गोयल रिसॉर्ट कॉलोनी में नाले में हेरफेर करते हुए कॉलोनाइजर प्रेम गोयल ने नाले पर बगीचा तान दिया है। इसके अलावा भी नाले पर ही निर्माण कार्य कर दिए हैं। इधर न्यूज विथ तड़का डॉट कॉम ने जब गोयल रिसॉर्ट के बिल्डर से पूछा तो उनका कहना है कि उन्होंने जितनी जमीन उनके पास थी उसे ही भूखंड धारकों को बेचा हैं। जिन भूखंड धारकों की जमीन कम हुई हैं। वह राजस्व अमले की भूल की वजह से हुई हैं। बिल्डर ने पूरी तरह अपना पल्ला झाड़ते हुए राजस्व अमले की भूल करार दिया हैं।

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